• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • टेक्नोलॉजी
  • टेक न्यूज़

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 01, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आपका स्मार्टफोन भी खो गया है या चोरी हुआ है तो यह पोर्टल बताएगा उसका पता

मोबाइल चोरी या गुम हो जाने पर इस पोर्टल की मदद से उसे ढूंढने में मदद मिलेगी।

By Ajay BarveEdited By: Ajay Barve
Publish Date: Wed, 01 Jan 2020 04:08:14 PM (IST)Updated Date: Wed, 08 Jan 2020 09:27:30 AM (IST)
आपका स्मार्टफोन भी खो गया है या चोरी हुआ है तो यह पोर्टल बताएगा उसका पता

नई दिल्ली। वैसे तो आपके स्मार्टफोन में इन दिनों ऐसे फीचर्स आने लगे हैं जो आपके फोन को ट्रैक करने में मदद करते हैं। लेकिन अब केंद्र सरकार ने ऐसा पोर्टल लॉन्च किया है जो आपके खाए हुए या चोरी हो चुके फोन का पता लगाने में मदद करेगा। संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने यह पोर्टल लॉन्च किया है जिसके जरिये खोये या चोरी हुए मोबाइल फोन का पता लगाया जा सकेगा। फिलहाल इसका लाभ दिल्ली-एनसीआर के लोगों को मिलेगा। लेकिन, धीरे-धीरे पूरे देश में इसका प्रसार करने की तैयारी है। इसकी शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर सितंबर में मुंबई से की गई थी।

पोर्टल "cerr.gov.in" का लाभ लेने के लिए सबसे पहले पुलिस में रिपोर्ट लिखाकर खोए या चोरी हुए नंबर को ब्लॉक कराना होगा। इसके बाद एफआईआर की कॉपी और आईडी प्रूफ के साथ अपने मोबाइल ऑपरेटर को नया सिम कार्ड देने के लिए आवेदन करना होगा। इसके बाद आईएमईआई ब्लॉक कराने के लिए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरना होगा। इस पर आपको एक रिक्वेस्ट आईडी मिलेगी। इसके जरिये आप पोर्टल पर अपने मोबाइल की स्थिति पर नजर रख सकते हैं।


मोबाइल मिल जाने की स्थिति में भविष्य में आप आईएमईआई को अनब्लॉक भी कर सकते हैं। इस सुविधा के लिए दूरसंचार विभाग ने सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्ट्री (सीईआईआर) नाम से एक प्रणाली विकसित की है और उसे सभी मोबाइल ऑपरेटरों के आईएमईआई डाटाबेस से कनेक्ट किया है। सीईआइआर में सभी मोबाइल ऑपरेटर अपने नेटवर्क पर ब्लैकलिस्ट अथवा ब्लॉक किए गए मोबाइल सेट्स का डाटा शेयर करते हैं, ताकि एक नेटवर्क पर ब्लैकलिस्ट या ब्लॉक किया गया मोबाइल फोन दूसरे नेटवर्क पर भी काम नहीं कर सके।

ऐसा होने से मोबाइल फोन पाने या चोरी करने वाला व्यक्ति सिम कार्ड बदलने के बाद भी उसका उपयोग नहीं कर पाता है। इससे मोबाइल फोन लौटाए जाने या चोर के पकड़े जाने की संभावना बढ़ जाती है।

क्लोन आईएमईआई पर भी कारगर

आमतौर पर हर मोबाइल डिवाइस का आईएमईआई नंबर अलग होता है। लेकिन हाल में कुछ ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जहां एक ही आईएमईआई नंबर पर एक से ज्यादा हैंडसेट मिले। ऐसी स्थिति में आईएमईआई नंबर ब्लॉक करने पर उसी आईएमईआइ वाला दूसरा फोन भी ब्लॉक होने का खतरा रहता है। इस नई व्यवस्था की मदद से एक जैसे आइएमईआइ नंबर होने पर भी केवल उसी फोन को ब्लॉक करना संभव होगा, जो चोरी हुआ है या खोया है।