
डिजिटल डेस्क: प्रोविडेंट फंड यानी पीएफ नौकरीपेशा लोगों के लिए बचत का एक भरोसेमंद और सुरक्षित विकल्प माना जाता है। यह सुविधा खास तौर पर उन कर्मचारियों के लिए होती है, जो किसी निजी या सरकारी संस्थान में काम करते हैं।
पीएफ का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा देना है, ताकि उन्हें भविष्य में पैसों की परेशानी न हो।पीएफ योजना के तहत कर्मचारी के मूल वेतन का 12 प्रतिशत हिस्सा हर महीने उसके पीएफ अकाउंट में जमा किया जाता है। इतनी ही राशि नियोक्ता यानी कंपनी की ओर से भी कर्मचारी के पीएफ अकाउंट में डाली जाती है।
पीएफ अकाउंट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें जमा पैसा सिर्फ रिटायरमेंट के बाद ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर बीच में भी निकाला जा सकता है। शादी, बीमारी, बच्चों की पढ़ाई, घर खरीदने या इमरजेंसी जैसी स्थितियों में कर्मचारी अपने पीएफ अकाउंट से राशि निकाल सकते हैं। इसके लिए अब कर्मचारी घर बैठे भी ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से पीएफ का पैसा निकाल सकते हैं।
पीएफ अकाउंट से पैसा निकालने के लिए सबसे पहले कर्मचारी को ईपीएफओ के यूएएन पोर्टल पर जाना होगा। यहां लॉगइन करने के लिए यूएएन नंबर और पासवर्ड की जरूरत होती है। यूएएन नंबर हर पीएफ सदस्य को दिया जाता है, जिससे उसके सभी पीएफ अकाउंट जुड़े होते हैं। सही जानकारी डालकर पोर्टल पर साइन इन करना होगा।
लॉगइन करने के बाद स्क्रीन पर कई विकल्प दिखाई देते हैं। यहां सबसे पहले मैनेज वकिल्प को चुनना होगा। इसके बाद लिस्ट में दिए गए केवाईसी विकल्प पर क्लिक करना होगा। इस स्टेप में कर्मचारी को अपनी केवाईसी डिटेल्स दर्ज करनी होती हैं।
केवाईसी के तहत आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक अकाउंट की जानकारी भरनी जरूरी होती है। बैंक अकाउंट नंबर और आईएफएससी कोड सही होना चाहिए, क्योंकि पैसा सीधे इसी अकाउंट में ट्रांसफर होता है।
केवाईसी डिटेल्स भरने के बाद वेरिफिकेशन होगा। वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद कर्मचारी को ऑनलाइन सर्विस आप्शन पर जाना होता है। यहां क्लेम से जुड़ा विकल्प दिखाई देता है। इस पर क्लिक करने के बाद सदस्य की डिटेल्स अपने आप स्क्रीन पर आ जाती हैं, जिन्हें ध्यान से चेक करना होगा है। सारी जानकारी सही होने पर प्रोसिड फार आनलाइन क्लेम का विकल्प चुनना होता है।
अब कर्मचारी को यह बताना होता है कि वह किस कारण से पीएफ से पैसा निकालना चाहता है। अलग-अलग कारणों के लिए अलग-अलग विकल्प दिए जाते हैं, जिनमें से सही विकल्प चुनना जरूरी होता है।
क्लेम डिटेल्स भरने के बाद सर्टिफिकेट बटन पर क्लिक करना होता है। इसके साथ ही कुछ जरूरी दस्तावेज अपलोड करने पड़ सकते हैं, जो क्लेम के कारण पर निर्भर करते हैं। सारी जानकारी और दस्तावेज जमा करने के बाद क्लेम सबमिट हो जाता है। तय समय के भीतर पीएफ की राशि सीधे कर्मचारी के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दी जाती है।