
भरत मानधन्या, इंदौर। बदलती जीवनशैली और बढ़ते तनाव के बीच हृदय से जुड़ी समस्याएं कम उम्र में भी सामने आ रही हैं। ऐसे में समय-समय पर हृदय की गतिविधियों की निगरानी करना जरूरी हो गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए श्री गोविंदराम सेकसरिया इंस्टिट्यूट आफ टेक्नोलाजी एंड साइंस (एसजीएसआईटीएस) के आईटी और बायोमेडिकल विभाग के शोधार्थियों ने पोर्टेबल हार्ट मानिटरिंग डिवाइस तैयार की है।
डिवाइस की मदद से घर पर ही ईसीजी रिकार्ड किया जा सकेगा। इसमें मिलने वाले ईसीजी डाटा का एआई की मदद से विश्लेषण होगा और हृदय की गतिविधियों में किसी तरह का असामान्य बदलाव मिलने पर मोबाइल ऐप के जरिए अलर्ट दिया जा सकेगा। इसका लाभ यह होगा कि हृदय संबंधी समस्याओं की उपयोगकर्ता को पहले ही जानकारी मिल सकेगी।
इस प्रोजेक्ट को एमटेक के विद्यार्थियों ने IT विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर केके शर्मा और DR. पूजा गुप्ता के मार्गदर्शन में तैयार किया है। विद्यार्थियों ने करीब छह महीने में डिवाइस और इससे जुड़ी मोबाइल ऐप तैयार की है। फिलहाल इसका पेटेंट प्रकाशित हो चुका है और ग्रांट के लिए प्रक्रिया चल रही है।
मोबाइल ऐप में जमा ईसीजी रिकार्ड को जरूरत पड़ने पर रिपोर्ट के रूप में भी उपयोग किया जा सकेगा। उपयोगकर्ता अपने रिकार्ड की पीडीएफ रिपोर्ट तैयार कर सकता है और इसे डाक्टर या परिवार के सदस्यों के साथ साझा कर सकता है। इससे डाक्टर को पिछले कुछ समय के रिकॉर्ड देखने में आसानी हो सकती है।
डिवाइस को पोर्टेबल रखने के लिए इसमें रिचार्जेबल बैटरी का इस्तेमाल किया गया है। इसमें मोबाइल फोन में इस्तेमाल होने वाली बैटरी लगाई गई है। टीम के अनुसार, एक बार पूरी तरह चार्ज करने पर डिवाइस करीब एक सप्ताह तक इस्तेमाल की जा सकती है। इससे इसे घर के अलावा जरूरत के अनुसार दूसरी जगह भी ले जाना आसान होगा। फिलहाल तैयार डिवाइस की लागत करीब 2 हजार रुपये है। बड़े स्तर पर उत्पादन होने पर इसकी कीमत करीब 1500 रुपये तक जा सकती है।
* डाॅ. विनय मनुरकर
* डाॅ. चंद्र प्रकाश सिंगार
* मयंक भार्गव
* केतन रघुवंशी
* कृष्ण पाल
* पीयूष सोनी
इस डिवाइस का पेटेंट पब्लिश हो चुका है। अब हम पेटेंट की ग्रांट प्रक्रिया पूरी होने और आगे उत्पादन की दिशा में काम करने की तैयारी कर रहे हैं। बड़े स्तर पर उत्पादन होने पर कम कीमत में इसे उपलब्ध कराने के भी प्रयास हैं। - प्रो. केके शर्मा, विभागाध्यक्ष, आईटी विभाग, एसजीएसआईटीएस