24 अगस्त से बदल जाएंगे सिम कार्ड के नियम, अब आप अपने नाम पर रख सकते हैं इतने सिम, DoT का नया फरमान
भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) ने सिम कार्ड (SIM Card) जारी करने और उनके उपयोग को लेकर एक नई गाइडलाइन जारी की है।
Publish Date: Sun, 23 Aug 2026 03:33:32 PM (IST)Updated Date: Sun, 23 Aug 2026 03:33:32 PM (IST)
टेलीकॉम कंपनियों को मिला DoT का सर्कुलर।HighLights
- 24 अगस्त से बंद हो सकते हैं अतिरिक्त SIM
- टेलीकॉम कंपनियों को मिला DoT का सर्कुलर
- आप अपने नाम पर रख सकते हैं कितने सिम
टेक न्यूज। अगर आप अपने नाम पर कई एक्टिव मोबाइल नंबर रखते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) ने सिम कार्ड (SIM Card) जारी करने और उनके उपयोग को लेकर एक नई गाइडलाइन जारी की है। यह नया नियम 24 अगस्त 2026 से देशभर में प्रभावी हो जाएगा।
DoT ने सभी टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं को एक आधिकारिक सर्कुलर भेजकर उन उपभोक्ताओं की पहचान करने के निर्देश दिए हैं, जिनके नाम पर पहले से ही अधिकतम तय सीमा के बराबर मोबाइल कनेक्शन एक्टिव हैं।
इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य धोखाधड़ी, साइबर क्राइम और फर्जी दस्तावेजों पर सिम कार्ड जारी करने की गतिविधियों पर अंकुश लगाना है, ताकि कोई भी व्यक्ति एक सीमा से अधिक नंबरों का दुरुपयोग न कर सके।
एक व्यक्ति के नाम पर अधिकतम कितने सिम कार्ड हो सकते हैं?
दूरसंचार विभाग के मौजूदा नियमों के अनुसार सिम कार्ड की संख्या को लेकर सीमा तय की गई है:
- सामान्य राज्यों में: भारत के अधिकांश राज्यों में एक नागरिक के नाम पर सभी टेलीकॉम कंपनियों को मिलाकर अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन दर्ज हो सकते हैं।
- विशेष राज्यों में: जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर (North-East) के राज्यों में सुरक्षा कारणों से यह सीमा अधिकतम 6 मोबाइल कनेक्शन रखी गई है।
- घोषणा पत्र अनिवार्य: नए ग्राहकों को कस्टमर एप्लिकेशन फॉर्म (CAF) भरते समय स्पष्ट रूप से यह घोषणा करनी होगी कि उनके नाम पर पहले से कितने मोबाइल कनेक्शन सक्रिय हैं।
यह भी पढ़ें- iPhone लंगर का अनोखा ऑफर, अमृतसर के क्रिप्टो बिजनेसमैन मुनाफे से बांटेंगे फोन, करना होगा बस ये काम
कैसे काम करेगा नया ट्रैकिंग और वेरिफिकेशन सिस्टम?
DoT ने टेलीकॉम कंपनियों के लिए निगरानी प्रक्रिया को अधिक सख्त बनाने का खाका तैयार किया है:
- सस्पेंड होगा अतिरिक्त सिम: शुरुआती चरण में यह प्रणाली पोस्ट-फैक्टो (Post-Facto) आधार पर काम करेगी। यदि नए कनेक्शन के जुड़ते ही पाया जाता है कि ग्राहक के नाम पर तय सीमा से ज्यादा सिम एक्टिव हो चुके हैं, तो नए सिम को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया जाएगा।
रियल-टाइम वेरिफिकेशन और फोटो मैचिंग: सरकार ने कंपनियों को जल्द ही रियल-टाइम वेरिफिकेशन लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत DoT 23 अगस्त से ही 'डीआईपी' (DIP) प्लेटफॉर्म पर ऐसे उपभोक्ताओं की तस्वीरें उपलब्ध कराएगा जो पहले से अपनी अधिकतम सिम सीमा तक पहुंच चुके हैं।
दैनिक डेटा डाउनलोड: टेलीकॉम ऑपरेटरों को रोजाना यह फोटो डेटा डाउनलोड करना होगा ताकि सिम जारी करते समय ही सीमा पार कर चुके ग्राहकों की पहचान की जा सके और फर्जी एक्टिवेशन को रोका जा सके।