
एजेंसी, बस्ती। उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में पहचान की फर्जी कहानी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। गुजरात के वलसाड जिले का रहने वाला एक मुस्लिम व्यक्ति करीब 20 वर्षों से हिंदू नाम और पहचान का इस्तेमाल कर रहा था। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उसने जमीन की खरीद-फरोख्त, सरकारी योजनाओं में लाभ लेने जैसी गतिविधियां भी कीं। मामला खुलने पर सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। आरोपी की तलाश जारी है।
भिलाड़, वलसाड (गुजरात) निवासी अब्दुल रहमान खान पुत्र अब्दुल माजिद खान ने बस्ती जिले में दिवंगत राम दुलारे चौबे पुत्र रुद्रनाथ बनकर जालसाजी की। ग्रामीणों के अनुसार, राम दुलारे की मौत लगभग 30 वर्ष पहले हो चुकी है। आरोपी ने वर्ष 2007 में ग्राम छनवतिया निवासी मोहम्मद असलम के वोटर कार्ड नंबर को स्कैन कर एडिट कराया। उसे अपनी फर्जी पहचान के रूप में इस्तेमाल किया।
उसके बाद उसने कंप्यूटर के माध्यम से 2016 में फर्जी आधार कार्ड भी बनवा लिया। नाम दो बार बदलवाकर भूमि की अवैध खरीद-फरोख्त में इसका इस्तेमाल किया। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, इसी पहचान का लाभ उठाकर आरोपी ने करीब डेढ़ बिगहा जमीन मात्र 3 लाख रुपये में बैनामा करा ली।
अब्दुल रहमान लंबे समय तक सोनहा थाना क्षेत्र के सेहबरा गांव के मदरसे में रहा। इसी दौरान उसने प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए भी आवेदन किया। सत्यापन के समय जब आधार कार्ड की मांग हुई, तो उसने गलती से गुजरात का मूल आधार नंबर भेज दिया, जिसके बाद पूरी सच्चाई सामने आने लगी। खुलासा होते ही वह अचानक इलाके से गायब हो गया।
मामले की शिकायत जब पीड़ित परिवार और ग्रामीणों द्वारा पुलिस अधीक्षक को दी गई तो सभी दस्तावेजों की जांच शुरू की गई।
एसपी अभिनन्दन ने बताया कि यह गंभीर प्रकरण है और सीओ रुधौली स्वर्णिमा सिंह को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जांच के बाद मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियां आरोपी की संदिग्ध गतिविधियों और स्थानीय संपर्कों की जांच कर रही हैं। ग्रामीणों की मांग है कि जमीन वापस दिलाई जाए और आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाए।