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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 28, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Kanpur News: फर्जी दरोगा बन नौकरी के नाम पर वसूलते थे मोटी रकम, जीजा-साले को पुलिस ने कानपुर में दबोचा

UP News: कानपुर के घाटमपुर क्षेत्र में सजेती पुलिस ने फर्जी दारोगा बने जीजा और उसके साले को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी की पहचान आजाद सिंह पुत्र मान...और पढ़ें

By Himadri Singh HadaEdited By: Himadri Singh Hada
Publish Date: Thu, 28 Aug 2025 04:06:10 PM (IST)Updated Date: Thu, 28 Aug 2025 04:10:20 PM (IST)
Kanpur News: फर्जी दरोगा बन नौकरी के नाम पर वसूलते थे मोटी रकम, जीजा-साले को पुलिस ने कानपुर में दबोचा
फर्जी दारोगा बने जीजा-साला उसका फालोवर।

HighLights

  1. नौकरी के नाम पर वसूलते थे मोटी रकम।
  2. इस तरह हुआ फर्जी दारोगा का भंडाफोड़।
  3. फर्जी दारोगा बन जीजा-साले की ठगी।

घाटमपुर। कानपुर के घाटमपुर क्षेत्र में सजेती पुलिस ने फर्जी दारोगा बने जीजा और उसके साले को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी की पहचान आजाद सिंह पुत्र मान सिंह के रूप में हुई है, जो कई वर्षों से अपनी ससुराल डुहरू में रह रहा था।

पुलिस ने उसके पास से फर्जी आईडी, एयर पिस्टल, पुलिस की वर्दी और गश्ती प्रपत्र सहित कई आपत्तिजनक सामान बरामद किए हैं।

ऐसे करता था जीजा-साला ठगी

आजाद सिंह खुद को दारोगा बताकर नौकरी लगवाने का झांसा देता था और लोगों से पैसे वसूलता था। ग्रामीण इलाकों में लोग उसे सचमुच पुलिस अधिकारी मानते थे। उसने अपने साले सौरभ सिंह भदौरिया (उम्र 21 वर्ष, निवासी डुहरू) को फॉलोवर बना रखा था। दोनों ने न सिर्फ नौकरी के नाम पर रुपये ऐंठे, बल्कि क्षेत्र में वाहनों से भी वसूली की थी।


इस तरह हुआ भंडाफोड़

अमौली गांव में हुई चोरी की जांच के दौरान पुलिस को एक संदिग्ध कार की जानकारी मिली। ग्रामीणों ने बताया कि कार का मालिक पुलिस विभाग में दारोगा है। जब पुलिस ने उसे थाने बुलाया, तो उसने गोलमोल जवाब देने शुरू कर दिए। पीएनओ नंबर पूछे जाने पर वह जानकारी नहीं दे पाया। इसके बाद पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो उसकी असलियत सामने आ गई।

पूछताछ में उसने कभी खुद को कौशांबी जिले का दारोगा बताया, तो कभी इटावा और हमीरपुर में तैनाती की बात कही। लेकिन जांच में सब फर्जी निकला। पुलिस के अनुसार, आरोपी कई बार अपना नाम और पहचान बदलकर ठगी करता रहा है।

पुलिस ने क्या बरामद किया?

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपितों के पास से तीन फर्जी आईडी, एक गश्ती प्रपत्र, मोबाइल फोन, दो बेल्ट, तीन नेमप्लेट, चार पीतल के स्टार, दो पी कैप, एक बैरेट कैप, पुलिस का प्रतीक चिन्ह लोगो, एयर पिस्टल मय होलस्टर, एक बाइक, बरामद की।

एसीपी कृष्णकांत यादव ने बताया कि दोनों आरोपितों के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।