लखनऊ, ब्यूरो। उत्तर प्रदेश के लखनऊ में कुछ जालसाजों ने एक सौ साल के बुजुर्ग व्यक्ति को अपने जाल में फंसाया और इसके बाद उसके सेवानिवृत्त मर्चेंट नेवी अफसर को सात दिन डिजिटल अरेस्ट कर 1.29 करोड़ रुपये ठग लिए। इस मामले से हड़कंप मच गया है। इस दौरान दोनों को गिरफ्तारी का डर दिखाकर उनके बैंक ऑफ इंडिया खाते की जानकारी ले ली। जालसाजों ने दोनों को डराने के लिए उन्हें एक जाली वारंट भी भेजा था। जब दोनों को ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई।
इसके अलावा उन्होंने सरोजनीनगर थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया है। सैनिक हाउसिंग सोसायटी के सुरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि उनके पिता की उम्र लगभग 100 साल है। उन्होंने बताया कि उनके पिता के पास आलोक सिंह नाम के व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को सीबीआई अफसर बताया और उन पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए। इसके बाद उसने तुरंत ही अरेस्ट वारंट जारी होने की बात कहते हुए तुरंत ही वॉट्सऐप पर एक जाली वारंट भी भेजा, ताकि वह डर जाएं।
बता दें कि बाप-बेटे का खाता बैंक ऑफ इंडिया सरोजनीनगर में है। सुरेंद्र पाल बताते हैं कि उन्हें अलग-थलग रहने और लगातार फोन पर रहने के लिए मजबूर किया गया ताकि वे घटना के बारे में किसी को कुछ न बता सकें। इसके बाद जालसाजों ने तीन बार में अलग-अलग तारीखों पर पीड़िता के खाते से कुल 1.29 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए।
हैरानी वाली बात यह है कि इतने पैसे निकालने के बाद भी उनकी मांग कम नहीं हुई और वह आगे भी पैसे मांगने लगे। इसके बाद पीड़ितों ने रकम देने में असमर्थता दिखाई। ठगी के बाद जालसाजों ने अपने नंबर बंद कर लिए। इस मामले पर इंस्पेक्टर राजदेव राम प्रजापति ने बताया कि पुलिस घटना की जांच कर रही है और साइबर क्राइम टीम की मदद से जालसाजों को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।