
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कांग्रेस और उसके सहयोगी विपक्षी दलों पर करारा हमला बोला। अपने सरकारी आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल राजनीतिक स्वार्थ के चलते देश की संवैधानिक संस्थाओं को नुकसान पहुंचाने और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने की साजिश रच रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) जैसे दल स्पेशल समरी रिवीजन (एसआईआर) को लेकर जनता के बीच भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में एसआईआर की प्रक्रिया पहली बार नहीं हो रही है; इससे पहले वर्ष 1952, 1957, 1961, 1965-66 और 2003 में भी एसआईआर कराया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि अपनी भ्रष्ट कार्यप्रणाली, आर्थिक कदाचार, कुनीति और अराजकता के कारण ये दल लगातार जनादेश खो रहे हैं। जब जनता इन्हें खारिज करती है, तो ये अपनी कमियां देखने के बजाय चुनाव आयोग और ईवीएम पर दोष मढ़ने लगते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों का देश के संवैधानिक व लोकतांत्रिक मूल्यों पर विश्वास नहीं बचा है। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने विदेश (कैंब्रिज) में जाकर भारत की न्यायपालिका की निष्पक्षता पर सवाल उठाए थे। इसके अलावा 2019 में कैग (CAG) की राफेल रिपोर्ट और सेना के पराक्रम (बालाकोट एयर स्ट्राइक व ऑपरेशन सिंदूर) पर भी सवाल खड़े किए गए।
सीएम ने याद दिलाया कि 25 जून 1975 को देश पर आपातकाल थोपकर संविधान का गला घोंटने का काम भी कांग्रेस ने ही किया था।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त और तीनों चुनाव आयुक्तों द्वारा मीडिया के सामने स्थिति स्पष्ट किए जाने का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब इस मामले पर कोई सवाल नहीं बचता। उन्होंने कहा कि फॉर्म-6 के माध्यम से छूटे हुए मतदाताओं को नाम जोड़ने का पूरा अधिकार है और उच्चतम न्यायालय ने भी चुनाव आयोग की कार्रवाई को उचित ठहराया है।
सीएम योगी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि लोकतंत्र में हिंसा, तोड़फोड़ और दुष्प्रचार के लिए कोई जगह नहीं है। कांग्रेस को अपनी गैरजिम्मेदाराना हरकतों पर लगाम लगानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि देश के सबसे बड़े लोकतंत्र और उसकी संस्थाओं की छवि धूमिल करने की कोशिश के लिए कांग्रेस व उसके सहयोगी दलों को देश की जनता से तत्काल माफी मांगनी चाहिए।
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