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Gomti Book Festival 2026: ‘एग्जाम वॉरियर्स’ से बुक बैंक तक... CM योगी की युवाओं को सलाह- किताबें पढ़ें, खुद बनाएं अपनी राह

लखनऊ विश्वविद्यालय में 5वें गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को किताबों से जुड़ने की अपील की।

By Digital DeskEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Sat, 12 Sep 2026 03:54:10 PM (IST)Updated Date: Sat, 12 Sep 2026 03:54:10 PM (IST)
Gomti Book Festival 2026: ‘एग्जाम वॉरियर्स’ से बुक बैंक तक... CM योगी की युवाओं को सलाह- किताबें पढ़ें, खुद बनाएं अपनी राह
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया 5वें गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 का शुभारंभ

HighLights

  1. CM योगी ने ‘एग्जाम वॉरियर्स’ पढ़ने की अपील की
  2. 5वें गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 का हुआ शुभारंभ
  3. यूपी की 57,600 ग्राम पंचायतों में पुस्तकालय व्यवस्था

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं और बच्चों को किताबों से जोड़ने पर जोर देते हुए कहा कि हर बच्चे को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पुस्तक ‘एग्जाम वॉरियर्स’ पढ़नी और उसके संदेशों को आत्मसात करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह कहना सही नहीं होगा कि आज का युवा किताब नहीं पढ़ता। जरूरत इस बात की है कि किताबें युवाओं तक पहुंचें और उन्हें पढ़ने के लिए बेहतर माहौल मिले।

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मुख्यमंत्री शनिवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित 5वें गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 का शुभारंभ करने के बाद युवाओं को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम से पहले उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद बच्चों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पुस्तक ‘एग्जाम वॉरियर्स’ वितरित की। पुस्तक पाने के बाद बच्चों के चेहरे पर खुशी नजर आई। मुख्यमंत्री ने छात्राओं के साथ तस्वीर भी खिंचवाई।


हर बच्चे को पढ़नी चाहिए ‘एग्जाम वॉरियर्स’

सीएम योगी ने कहा कि ‘एग्जाम वॉरियर्स’ केवल स्कूली विद्यार्थियों के लिए उपयोगी किताब नहीं है, बल्कि हर युवा और नागरिक इससे लाभ ले सकता है। जीवन में हर व्यक्ति को अलग-अलग तरह की परीक्षाओं से गुजरना पड़ता है। कभी डिग्री हासिल करने के लिए, कभी सर्टिफिकेट कोर्स के दौरान और कभी जीवन की कठिन परिस्थितियों में व्यक्ति की परीक्षा होती है।

उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में जब व्यक्ति का आत्मविश्वास कमजोर पड़ने लगता है, तब ‘एग्जाम वॉरियर्स’ उसके लिए मार्गदर्शन और हिम्मत का माध्यम बन सकती है। सीएम ने युवाओं को किताबों को केवल पढ़ने तक सीमित न रखने, बल्कि उनमें दिए विचारों को जीवन में अपनाने की भी अपील की।

‘युवा किताब नहीं पढ़ता’ कहना उसके साथ अन्याय

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया को लेकर बनी धारणा पर भी बात की। उन्होंने कहा कि यह कहना कि युवा किताबों से दूर हो गया है और सोशल मीडिया पर अपना समय खराब कर रहा है, पूरी तरह सही नहीं है। ऐसा कहना युवा के साथ अन्याय होगा।

सीएम ने कहा कि असल जरूरत किताबों को युवाओं तक पहुंचाने की है। उन्होंने बताया कि जब पहली बार युवराज मलिक ने लखनऊ में पुस्तक महोत्सव आयोजित करने का प्रस्ताव रखा था, तब उन्होंने तत्कालीन अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी से चर्चा की और आयोजन को प्रोत्साहित करने की बात कही।

इसके बाद लखनऊ में पुस्तक महोत्सव की शुरुआत हुई। आयोजन के अच्छे परिणाम मिलने पर मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में भी पुस्तक महोत्सव आयोजित करने का सुझाव दिया। उन्होंने बताया कि गोरखपुर में लखनऊ से भी ज्यादा लोग पहुंचे और पुस्तकों की बिक्री भी अधिक हुई। इससे यह धारणा गलत साबित हुई कि आज का युवा किताबें पढ़ना नहीं चाहता।

ज्ञान को सीमित करने के नुकसान भुगतता है समाज

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि किसी व्यक्ति की तरह समाज और राष्ट्र भी तब कमजोर होने लगता है, जब उसकी क्षमता कम होती जाती है और वह अपनी विरासत से दूर हो जाता है। उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को पहले सीमित दायरे में बांधने की कोशिश की गई, जिसके परिणाम समाज और देश को भुगतने पड़े।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की धरती भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रमुख केंद्रों में रही है। लखनऊ से करीब 70 किलोमीटर दूर नैमिषारण्य में ऋषियों ने चिंतन और ज्ञान की परंपरा को आगे बढ़ाया। वहीं काशी लंबे समय से ज्ञान और संवाद की भूमि रही है।

सीएम ने मुजफ्फरनगर स्थित शुक्रतीर्थ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि करीब 5 हजार वर्ष पहले यहां श्रीमद्भागवत महापुराण की पहली कथा के वाचन की परंपरा जुड़ी है। उनके मुताबिक प्रदेश की यह समृद्ध ज्ञान परंपरा बताती है कि ज्ञान को किसी छोटे दायरे में सीमित नहीं किया जा सकता।

पुस्तक महोत्सव युवाओं के लिए विचारों का मंच

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुस्तक महोत्सव युवाओं, विद्यार्थियों, लेखकों और प्रकाशकों को एक साझा मंच उपलब्ध कराता है। यहां युवा अलग-अलग विषयों की ज्ञानवर्धक, रोचक और मनोरंजक किताबों के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं और अपनी पसंद की पुस्तकें चुन सकते हैं।

उन्होंने बताया कि गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 अगले 9 दिनों तक चलेगा। इस दौरान पुस्तकों के विमोचन के साथ लेखकों से संवाद और उनकी रचनात्मक यात्रा को समझने का मौका मिलेगा।

सीएम ने कहा कि आत्मकथाओं के जरिए महापुरुषों के जीवन संघर्ष को समझा जा सकता है। इसी तरह वैज्ञानिकों के शोध और उनके अनुभवों को किताबों के माध्यम से जानने का अवसर मिलता है। पुस्तकें व्यक्ति की रचनात्मकता को बढ़ाने और जीवन को नई दिशा देने का काम कर सकती हैं।

ज्ञान के लिए खुले रखें सभी रास्ते

योगी आदित्यनाथ ने भारतीय ऋषि परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि ज्ञान को सीमित नहीं किया जाना चाहिए। हमारी परंपरा चारों दिशाओं से ज्ञान और विचारों के आने के लिए रास्ते खुले रखने की बात करती है।

उन्होंने कहा कि केवल स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय जाकर पाठ्यक्रम पूरा कर लेना व्यक्ति को पूरी तरह ज्ञानवान नहीं बनाता। समाज, देश और दुनिया को बेहतर तरीके से समझने के लिए अलग-अलग विषयों और विचारों से परिचित होना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की ज्ञान परंपरा श्रुति और स्मृति से आगे बढ़ते हुए शास्त्रों, पांडुलिपियों, ताम्रपत्रों और विभिन्न अभिलेखों के जरिए पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ी है। उन्होंने लखनऊ को साहित्य की पुरानी भूमि बताते हुए कहा कि यहां से अनेक साहित्यकारों ने अपनी कालजयी रचनाओं के माध्यम से समाज और देश को दिशा दी।

डिजिटल युग ने गांव और शहर की दूरी घटाई

मुख्यमंत्री ने डिजिटल युग में गांवों में बदलती सुविधाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने ग्राम सचिवालयों का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले ग्राम प्रधान गांव की व्यवस्था अपने घर से संचालित करता था। सरकार ने ग्राम सचिवालय की व्यवस्था विकसित की।

इन ग्राम सचिवालयों में सिर्फ प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी के बैठने की व्यवस्था नहीं की गई, बल्कि ग्रामीणों के लिए कॉन्फ्रेंस रूम और डिजिटल लाइब्रेरी भी तैयार की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की 57,600 ग्राम पंचायतों में पुस्तकालय की व्यवस्था की गई है। इनमें नेशनल बुक ट्रस्ट की पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं।

उन्होंने कहा कि पहले युवाओं और ग्रामीणों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए जरूरी प्लेटफार्म और सुविधाएं नहीं मिलीं। इसके बावजूद उनकी क्षमता के कम उपयोग के लिए उनके बारे में गलत धारणा बनाई जाती रही। अब सुविधाएं मिलने के बाद वही युवा और ग्रामीण अपनी क्षमता को बेहतर तरीके से सामने ला रहे हैं।

ऑपरेशन कायाकल्प से बदली स्कूलों की तस्वीर

मुख्यमंत्री ने बेसिक और माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों की पुरानी स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले कई स्कूलों के भवन और व्यवस्थाएं जर्जर स्थिति में नजर आती थीं। उन्होंने कहा कि जब सरकारें ही जर्जर थीं तो सिस्टम का जर्जर होना स्वाभाविक था।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में ऑपरेशन कायाकल्प के जरिए स्कूलों की तस्वीर बदलने का काम किया गया। स्कूलों में भवनों का निर्माण कराया गया और स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।

सीएम ने चित्रकूट का उदाहरण देते हुए अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि जब वह वहां गए थे तो स्थिति बेहद खराब थी। एक साल बाद दोबारा पहुंचने पर एक विद्यालय की तीसरी कक्षा की छात्रा ने उन्हें डिजिटल लाइब्रेरी संचालित करके दिखाई। छात्रा ने पाठ्यक्रम से जुड़ी सामग्री भी प्रदर्शित की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण बच्ची अपनी क्षमता नहीं दिखा पाती थी। सुविधा मिलने के बाद वही बच्ची आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रतिभा प्रदर्शित कर रही थी।

युवाओं से अपना ‘बुक बैंक’ बनाने की अपील

मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपनी जरूरत के मुताबिक किताबें खरीदने और पढ़ने की आदत विकसित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब भी पुस्तक खरीदने का मौका मिले तो पाठ्यक्रम की किताबों के साथ ऐसी पुस्तकें भी खरीदनी चाहिए, जो रचनात्मकता और सकारात्मक सोच को बढ़ावा दें।

उन्होंने कहा कि अच्छी साहित्यिक कृति, धार्मिक ग्रंथ, किसी महापुरुष की आत्मकथा या वैज्ञानिक के शोध से जुड़ी किताब जीवनभर प्रेरणा दे सकती है।

सीएम ने युवाओं से अपना ‘बुक बैंक’ बनाने की अपील करते हुए कहा कि खाली समय में किताब पढ़ने की आदत जीवन को नई दिशा दे सकती है। उन्होंने कहा कि कोई भी मंजिल कठिन नहीं है। युवाओं को अपनी राह खुद तैयार करनी है और पुस्तक मेले इस दिशा में महत्वपूर्ण प्लेटफार्म साबित हो सकते हैं।

नेशनल बुक ट्रस्ट की किताबों की सबसे बड़ी खरीदार सरकार

मुख्यमंत्री ने गोमती पुस्तक महोत्सव के आयोजन के लिए आयोजकों, नेशनल बुक ट्रस्ट और सहयोगी संस्थाओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पुस्तक मेले को केवल लखनऊ तक सीमित रखने के बजाय इसे प्रदेश के दूसरे हिस्सों तक भी ले जाने की जरूरत है। इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार पूरा सहयोग करेगी।

सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार नेशनल बुक ट्रस्ट की पुस्तकों की सबसे बड़ी खरीदार है। गांवों, स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पुस्तकालय उपलब्ध कराने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह आज की जरूरत है और ज्ञान की इस परंपरा को और व्यापक स्तर तक ले जाना जरूरी है।

कई मंत्री और विद्यार्थी रहे मौजूद

कार्यक्रम में नेशनल बुक ट्रस्ट के चेयरमैन प्रो. मिलिंद मराठे ने मुख्यमंत्री का शॉल ओढ़ाकर और पुस्तक भेंट कर स्वागत किया। इस दौरान गोमती पुस्तक महोत्सव के पिछले संस्करणों की यात्रा और यादगार पलों पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई।

समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी सैनी, नेशनल बुक ट्रस्ट के चेयरमैन प्रो. मिलिंद सुधाकर मराठे, निदेशक युवराज मलिक सहित लेखक, प्रकाशक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।