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अब 'पदक लाओ, पद पाओ’ के तहत खिलाड़ियों की सीधी भर्ती: CM योगी ने कहा- 2017 से पहले चारदीवारी में कैद थे बेटियों के सपने

लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पोस्ट में पिछली सरकार पर निशाना साधा और कहा कि 2017 से पहले बेटियों के सपने चारदीवारी में कैद थे, अ...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Fri, 16 Oct 2026 12:44:52 PM (IST)Updated Date: Fri, 16 Oct 2026 12:44:52 PM (IST)
अब 'पदक लाओ, पद पाओ’ के तहत खिलाड़ियों की सीधी भर्ती: CM योगी ने कहा- 2017 से पहले चारदीवारी में कैद थे बेटियों के सपने
CM योगी ने दी षष्ठी की बधाई (फाइल फोटो)

HighLights

  1. CM योगी ने दी नवरात्रि षष्ठी की बधाई
  2. 2017 से पहले कैद थे बेटियों के सपने
  3. अब पदक लाओ पद पाओ से सीधी भर्ती

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि की षष्ठी तिथि की बधाई दी। उन्होंने कहा कि समस्त बाधाओं और आसुरी प्रवृत्तियों का संहार करने वाली मां कात्यायनी नारीशक्ति के अदम्य साहस, अटूट संकल्प और अजेय पराक्रम का प्रतीक हैं।

मुख्यमंत्री ने आस्था, विकास व विरासत के जरिए राज्य में आए बदलाव से अवगत कराते हुए कहा कि प्रदेश में अब ‘पदक लाओ, पद पाओ’ के तहत खिलाड़ियों की सीधी भर्ती हो रही है।

2017 से पहले भय और अराजकता का माहौल, बेटियों के सपने थे कैद

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट कर पिछली सरकार के कार्यकाल पर निशाना साधा। कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में भय और अराजकता का ऐसा माहौल था, जहां बेटियों के सपनों पर पहरे थे, हौसलों पर बंदिशें थीं और प्रतिभा अवसर के अभाव में दम तोड़ने को मजबूर थी। खेल के मैदान माफिया के कब्जे में थे, संसाधन नदारद थे और बेटियों की उड़ान को पंख देने के बजाय, उनके सपनों को चारदीवारी में कैद कर दिया गया था।


CM योगी ने कहा कि उस दौर में खिलाड़ियों के लिए न तो सुविधाएं थीं, न ही सम्मान। बेटियां घर की चारदीवारी से बाहर निकलने में भी असुरक्षित महसूस करती थीं। खेल प्रतिभा होने के बावजूद उन्हें मंच नहीं मिल पाता था।

साढ़े 9 साल में लिखी गई बदलाव की नई गाथा

मुख्यमंत्री ने 2017 के बाद आए बदलाव को भी इंगित किया। कहा कि विगत साढ़े 9 वर्षों में प्रदेश में बदलाव की नई गाथा लिखी गई है। भय का स्थान सुरक्षा ने लिया है, उपेक्षा का स्थान प्रोत्साहन ने लिया है और संसाधनों के अभाव का स्थान खेल सुविधाओं के विस्तार ने लिया है।

उन्होंने बताया कि गांव के खेल मैदानों और ब्लॉक स्तरीय मिनी स्टेडियम से लेकर जिला स्तरीय स्टेडियम, मंडल स्तरीय स्पोर्ट्स कॉलेज तथा मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय तक, बेटियों को अपनी प्रतिभा निखारने का सशक्त आधार मिल रहा है। अब हर स्तर पर खिलाड़ियों को ट्रेनिंग, संसाधन और प्रोत्साहन मिल रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाएं भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचें।

पदक लाओ, पद पाओ से भविष्य को सुरक्षा, खिलाड़ियों को सम्मान

मुख्यमंत्री ने बताया कि ओलंपिक, कॉमनवेल्थ एवं एशियन गेम्स के पदक विजेताओं को लाखों-करोड़ों के पुरस्कार और ‘पदक लाओ, पद पाओ’ के तहत सीधी भर्ती जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। सरकार खिलाड़ियों की प्रतिभा को प्रोत्साहन, उपलब्धियों को सम्मान और भविष्य को सुरक्षा प्रदान कर रही है।

उन्होंने कहा कि अब खिलाड़ी सिर्फ पदक नहीं जीत रहे, बल्कि अपने भविष्य को भी सुरक्षित कर रहे हैं। सरकार ने खेल को करियर के रूप में स्थापित किया है। इस परिवर्तन की गूंज अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों पर भी सुनाई दे रही है।

एथलेटिक्स में पारुल चौधरी, प्रियंका गोस्वामी, प्राची चौधरी और अन्नू रानी, जूडो में अस्मिता डे, क्रिकेट में दीप्ति शर्मा और मेघना सिंह, हॉकी में वंदना कटारिया, कुश्ती में दिव्या काकरान ने कॉमनवेल्थ एवं एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने इन सभी खिलाड़ियों के योगदान को प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया।