
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बरेली में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद जमकर बवाल हुआ, जहां प्रशासन द्वारा जुलूस पर प्रतिबंध के बावजूद आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा के आह्वान पर उनके समर्थकों की भारी भीड़ सड़क पर उतर आई और 'आई लव मोहम्मद' के नारे लगाने लगी।
पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन भीड़ के न मानने पर लाठीचार्ज किया गया। इस पूरे मामले पर अब राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान सामने आया है।
उन्होंने कहा, 'बरेली में एक मौलाना भूल गया था कि शासन किसका है। वह धमकी देकर जाम लगाने की बात करता था, लेकिन हमने कहा कि न जाम होगा, न कर्फ्यू लगेगा। हम ऐसा सबक सिखाएंगे कि तुम्हारी आने वाली पीढ़ियां भी दंगा करना भूल जाएंगी।'
उन्होंने जोर देकर कहा कि 2017 के बाद उनकी सरकार ने दंगाइयों को चुन-चुनकर सजा दी और ऐसी भाषा में जवाब दिया, जो वे समझते थे। इस सख्ती ने उत्तर प्रदेश में शांति और सुरक्षा का नया युग स्थापित किया, जिससे यूपी की ग्रोथ स्टोरी की शुरुआत हुई।
बरेली में पुलिस पर पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं प्रायोजित बताई जा रही है। धारा 163 लागू होने के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन किया और पुलिस पर हमला किया। मौलाना तौकीर रजा के आह्वान पर लोग सड़कों पर उतरे और पुलिस के रोकने पर पथराव किया जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
पुलिस के अनुसार उपद्रवियों ने कोई एक जगह नहीं बल्कि दो-तीन जगहों पर अवैध असलहों से फायरिंग की थी। अभी तक पुलिस करीब छह से सात दगे हुए कारतूस के अलावा कई अवैध असलहे भी बरामद कर चुकी है।