पूर्व अग्निवीरों को योगी सरकार का बड़ा तोहफा, जेल वार्डर-प्रवर्तन सिपाही भर्ती में मिलेगा आरक्षण, अधिकतम आयु सीमा में भी 3 साल की विशेष छूट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में पूर्व अग्निवीरों के लिए रोजगार के नए अवसर खोलने वाला महत्वपूर्ण फैसला लिया...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 16 Sep 2026 01:55:28 PM (IST)Updated Date: Wed, 16 Sep 2026 01:55:28 PM (IST)
HighLights
- जेल वार्डर और प्रवर्तन सिपाही भर्ती में 20% क्षैतिज आरक्षण
- सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में फैसला
- किराये पर मकान-दुकान लेना या देना होगा आसान
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में पूर्व अग्निवीरों के लिए रोजगार के नए अवसर खोलने वाला महत्वपूर्ण फैसला लिया गया।
योगी सरकार ने देशसेवा के बाद लौटने वाले पूर्व अग्निवीरों को प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ने के लिए जेल वार्डर और परिवहन विभाग में प्रवर्तन सिपाही की सीधी भर्ती में 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने को मंजूरी दी है। इसके साथ ही अधिकतम आयु सीमा में 3 साल की विशेष छूट भी मिलेगी।
जेल वार्डर और प्रवर्तन सिपाही भर्ती में 20% क्षैतिज आरक्षण
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग में जेल वार्डर तथा परिवहन विभाग में प्रवर्तन सिपाही की सीधी भर्ती में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू होगा। पूर्व अग्निवीर जिस सामाजिक श्रेणी से संबंधित होंगे, उन्हें उसी श्रेणी में इस आरक्षण का लाभ देकर समायोजित किया जाएगा।
अधिकतम आयु सीमा में 3 साल की विशेष छूट
4 वर्ष की सैन्य सेवा पूरी करने वाले पूर्व अग्निवीरों को भूतपूर्व सैनिकों की तर्ज पर अधिकतम आयु सीमा में 3 वर्ष की छूट दी जाएगी। आयु की गणना में उनकी 4 वर्ष की सेवा अवधि को घटाने का प्रावधान किया गया है। इससे अधिक संख्या में पूर्व अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे।
सैन्य अनुशासन से जेलों की सुरक्षा होगी मजबूत
प्रदेश की जेलों में सामान्य अपराधियों के साथ गंभीर, कुख्यात और संवेदनशील अपराधियों को भी निरुद्ध किया जाता है। ऐसे में पूर्व अग्निवीरों का सैन्य प्रशिक्षण, अनुशासन, कौशल व सुरक्षा संबंधी अनुभव कारागारों की व्यवस्था को और प्रभावी बनाने में उपयोगी साबित होगा। इससे जेलों की सुरक्षा व्यवस्था को और ज्यादा मजबूती मिलेगी।
किराये पर मकान-दुकान लेना या देना होगा आसान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में प्रदेश में किरायेदारी व्यवस्था को आसान बनाने के लिए अहम फैसला लिया गया। सालाना 10 लाख तक के किराए पर यह बदलाव किया गया है।
10 वर्ष तक की अवधि के किरायेदारी/पट्टा विलेखों पर प्रभावी स्टांप शुल्क एवं पंजीयन फीस में छूट को संशोधित करते हुए शुल्क व्यवस्था को सरल और किफायती बनाया गया है। इससे मकान, दुकान या गोदाम किराये पर लेने-देने वालों को बड़ी राहत मिलेगी।
स्टांप तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन मंत्री रवींद्र जायसवाल ने बताया कि अभी किसी व्यक्ति द्वारा मकान, दुकान या गोदाम किराये पर देने अथवा लेने पर स्टांप शुल्क की गणना सर्किल रेट के आधार पर होती थी। इससे किरायानामा तैयार कराकर उसका पंजीयन कराने में लोगों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ता था।
योगी सरकार ने अब इस व्यवस्था को सरल करते हुए निर्धारित शुल्क की व्यवस्था की है। इसके तहत दो लाख रुपये तक की सालाना किराया राशि पर 1,000 रुपये, छह लाख रुपये तक 3,000 रुपये और 10 लाख रुपये तक 4,500 रुपये वार्षिक शुल्क निर्धारित किया गया है।