यूपी में कारीगरी और हस्तशिल्प से तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार : सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अलग-अलग कारीगरी और हस्तशिल्प से तीन करोड़ से अधिक लोग रोजगार प्राप्त कर रहे हैं।
Publish Date: Thu, 17 Sep 2026 04:52:03 PM (IST)Updated Date: Thu, 17 Sep 2026 04:52:03 PM (IST)
HighLights
- कारीगरों का सम्मान करने वाला देश आगे बढ़ता है
- आजादी के बाद होती रही कारीगरों की उपेक्षा
- तकनीक और नए बाजार से जोड़ी पारंपरिक कारीगरी
डिजिटल डेस्क, गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अलग-अलग कारीगरी और हस्तशिल्प से तीन करोड़ से अधिक लोग रोजगार प्राप्त कर रहे हैं और स्वावलंबन का जीवन जी रहे हैं। वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद प्रदेश सरकार ने परंपरागत कारीगरों और हस्तशिल्पियों को आगे बढ़ाने के लिए काम शुरू किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पारंपरिक कारीगरी को आधुनिक तकनीक और नए बाजार से जोड़ने के साथ उत्पादों की पैकेजिंग और डिजाइनिंग पर भी ध्यान दिया। इससे कारीगरों और हस्तशिल्पियों के लिए आगे बढ़ने का रास्ता खुला है।
मुख्यमंत्री योगी बुधवार को भगवान विश्वकर्मा की जयंती पर गोरखपुर के श्री विश्वकर्मा पंचायत मंदिर में आयोजित विश्वकर्मा पूजनोत्सव को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज का दिन अत्यंत पवित्र है। एक ओर सृष्टि के शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की जयंती है तो दूसरी ओर नए भारत के शिल्पी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्मदिन है।
कारीगरों का सम्मान करने वाला देश आगे बढ़ता है
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने नए भारत में कारीगरों और हस्तशिल्पियों को ‘पीएम विश्वकर्मा’ के रूप में एक मंच उपलब्ध कराया है। राजमिस्त्री, बढ़ई, हलवाई, सुनार सहित विभिन्न परंपरागत व्यवसायों से जुड़े कारीगर समाज के स्वावलंबन का आधार रहे हैं।
आजादी के बाद होती रही कारीगरों की उपेक्षा
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आजादी के बाद परंपरागत कारीगरों और हस्तशिल्पियों की निरंतर उपेक्षा हुई। पहली बार सरकार ने उनकी बात सुनी, उनकी जरूरतों को समझा और उनकी चिंता की। उन्हें टूलकिट उपलब्ध कराने के साथ प्रशिक्षण और बैंक से सस्ता ऋण दिलाने की व्यवस्था की गई।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 2017 में सरकार बनने के बाद इस दिशा में काम शुरू किया गया। आज प्रदेश में तीन करोड़ से अधिक लोग अलग-अलग कारीगरी और हस्तशिल्प के माध्यम से रोजगार प्राप्त कर रहे हैं और स्वावलंबन का जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
तकनीक और नए बाजार से जोड़ी पारंपरिक कारीगरी
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि परंपरागत कारीगरी को समय के अनुरूप आगे बढ़ाने के लिए उसे आधुनिक तकनीक से जोड़ना जरूरी था। प्रधानमंत्री मोदी ने कारीगरों के हुनर को आधुनिक तकनीक और नए बाजार से जोड़ने के साथ उत्पादों की पैकेजिंग और डिजाइनिंग पर भी ध्यान दिया। इससे पारंपरिक कारीगरी को बदलते समय के अनुरूप आगे बढ़ाने का अवसर मिला।
हर वर्ष मंदिर आना मेरा सौभाग्य
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उन्हें प्रतिवर्ष श्री विश्वकर्मा पंचायत मंदिर आने का अवसर मिलता है और यह उनका सौभाग्य है। उन्होंने मंदिर समिति के पदाधिकारियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि दशकों पहले जिस भावना के साथ मंदिर की व्यवस्था को आगे बढ़ाने का काम शुरू हुआ था, उसे आज भी लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। कारीगर और हस्तशिल्पी बिना किसी भेदभाव के इस अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने भगवान विश्वकर्मा से संबंधित पुस्तक का विमोचन किया। विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह समेत अन्य लोगों ने उनका स्वागत किया।