
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक कारीगरी को नया बाजार उपलब्ध कराने के लिए योगी सरकार के निर्देश पर प्रदेश के तीन बड़े शहरों आगरा, वाराणसी और लखनऊ में आधुनिक पीएम यूनिटी मॉल का निर्माण तेजी से किया जा रहा है।
इन मॉल का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक उद्योगों, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को एक ही स्थान पर प्रदर्शित और विपणन करने के लिए स्थायी मंच देना है। इससे कारीगरों, महिलाओं और युवाओं को बड़े बाजार से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा और प्रदेश के विभिन्न जिलों के ओडीओपी व जीआई-टैग उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में दम तोड़ रहे परंपरागत उद्योगों को फिर से खड़ा करने के लिए सरकार का यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है। यह पहल न सिर्फ शिल्पकारों की आजीविका को मजबूत कर रही है, बल्कि स्थानीय उत्पादों को स्वदेशी की नई ताकत के रूप में स्थापित भी कर रही है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना पीएम यूनिटी मॉल अब राज्यों में स्थानीय उत्पादों की बिक्री, प्रदर्शन और ब्रांडिंग का बड़ा केंद्र बनकर उभर रही है।
आगरा के शिल्पग्राम क्षेत्र में लगभग 11.53 एकड़ भूमि पर करीब 128.85 करोड़ रुपये की लागत से पीएम यूनिटी मॉल का निर्माण किया जा रहा है। निर्माण कार्यों में बेसमेंट की खुदाई, फाउंडेशन की पीसीसी, आरसीसी, बेसमेंट फ्लोर के कॉलम एवं रिटेनिंग वॉल की आरसीसी का कार्य 100 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। यहां ब्रज क्षेत्र, आगरा, फिरोजाबाद और आसपास के जिलों के हस्तशिल्प व पारंपरिक उत्पादों को ब्रांडिंग के साथ देश-विदेश के बाजार तक पहुंचाने की व्यवस्था होगी। 6 फ्लोर के इस मॉल में कुल 135 दुकानें होंगी। इसके नवंबर 2026 तक पूरा होने की संभावना है।
वाराणसी के गंगानगर कॉलोनी में करीब 154.71 करोड़ रुपये की लागत से 1.46 एकड़ क्षेत्र में यूनिटी मॉल बनाया जा रहा है। यहां डी-वॉल और छत की स्लैब की ढलाई का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि बेसमेंट 3 में फाउंडेशन का कार्य प्रगति पर है। यहां बनारसी साड़ी, जरी-जरदोजी, लकड़ी के खिलौने, रुद्राक्ष और अन्य पारंपरिक उत्पादों को प्रदर्शित और बिक्री के लिए विशेष स्थान मिलेगा। 6 फ्लोर के इस मॉल में कुल 111 दुकानें होंगी। इसके दिसंबर 2026 तक पूरा होने की संभावना है।
लखनऊ के अवध शिल्पग्राम में लगभग 4.86 एकड़ क्षेत्र में 64 करोड़ रुपये की लागत से यूनिटी मॉल विकसित किया जा रहा है। अभी यहां दुकानों में फिनिशिंग और एडमिन ब्लॉक के स्ट्रक्चर का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि ब्रिक वर्क और लिफ्ट का कार्य प्रगति पर है। यहां चिकनकारी, जरी-जरदोजी और अवध क्षेत्र के अन्य प्रसिद्ध उत्पादों को बड़ा बाजार मिलेगा। 6 फ्लोर के इस मॉल में कुल 139 दुकानें होंगी और इसके अक्टूबर 2026 तक पूरा होने की संभावना है।
यूनिटी मॉल बनने से प्रदेश के 75 जिलों के उत्पादों को एक ही मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय कारीगरों की आय बढ़ेगी, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही यह पहल स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और पर्यटन को भी प्रोत्साहित करेगी।