लखनऊ में एआई सिटी के जरिए टेक्नोलॉजी हब बनाने की तैयारी तेज, योगी सरकार ने बढ़ाए कदम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लखनऊ एआई सिटी परियोजना पर काम आगे बढ़ रहा है। इस परियोजना की परिकल्पना प्रदेश में एआई इकोसिस्टम को विकसित कर...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 20 Oct 2026 04:07:15 PM (IST)Updated Date: Tue, 20 Oct 2026 04:07:15 PM (IST)
HighLights
- वृन्दावन आईटी सिटी को उपयुक्त स्थल के रूप में चिह्नित किया गया
- एआई कंपनियों को आकर्षित करने के लिए मिले 25 से अधिक प्रस्ताव
- परियोजना की योजना और विकास के लिए विशेषज्ञ संस्थाओं की नियुक्ति
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लखनऊ एआई सिटी परियोजना पर काम आगे बढ़ रहा है। इस परियोजना की परिकल्पना प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) इकोसिस्टम को विकसित करने, तकनीक आधारित कंपनियों को प्रोत्साहित करने और निवेश के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से की गई है।
प्रस्तावित एआई सिटी के माध्यम से लखनऊ को एक उभरते प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है।
वृन्दावन आईटी सिटी को उपयुक्त स्थल के रूप में चिह्नित किया गया
एआई सिटी की स्थापना के लिए तैयार की गई प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट में भूमि चयन, परियोजना की अवधारणा, विकास की संरचना और देश-दुनिया की समान परियोजनाओं के आधार पर बेंचमार्किंग जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं का आकलन किया गया है।
इस रिपोर्ट के आधार पर वृन्दावन आईटी सिटी को प्रस्तावित एआई सिटी-कम-बिजनेस पार्क के लिए सर्वाधिक उपयुक्त स्थल के रूप में चिह्नित किया गया है।
एआई कंपनियों को आकर्षित करने के लिए मिले 25 से अधिक प्रस्ताव
परियोजना में रणनीतिक सहयोग विकसित करने और एआई आधारित कंपनियों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय हितधारकों से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए थे। 26 जुलाई 2025 को जारी एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) के सापेक्ष 25 से अधिक प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
यह पहल परियोजना में संभावित साझेदारों की रुचि और एआई आधारित कारोबारी गतिविधियों के लिए अवसर विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
परियोजना की योजना और विकास के लिए विशेषज्ञ संस्थाओं की नियुक्ति
एआई सिटी-कम-बिजनेस पार्क की योजना तैयार करने, विकास की रूपरेखा बनाने और निवेश आकर्षित करने के लिए परियोजना प्रबंधन इकाई (पीएमयू) स्थापित करने की प्रक्रिया के तहत ट्रांजेक्शन एडवाइजर और कंसल्टेंसी संस्था की नियुक्ति की गई है।
एआई सिटी की स्थापना से जुड़ी परामर्शी सेवाओं के लिए निविदा प्रक्रिया के माध्यम से कंसल्टेंट का चयन भी किया गया है। निर्धारित निर्देशों के अनुसार, कंसल्टेंट को नियुक्ति की तारीख से एक वर्ष के भीतर भूमि के संबंध में अंतिम निर्णय लेने और मास्टर डेवलपर को परियोजना से जोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ानी है।
तकनीक, निवेश और रोजगार के नए अवसरों पर जोर
योगी सरकार की इस पहल का उद्देश्य प्रदेश में एआई आधारित उद्योगों के विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना है। परियोजना के आकार लेने से लखनऊ में तकनीकी कंपनियों, नवाचार आधारित उद्यमों और निवेशकों के लिए नए अवसर विकसित हो सकते हैं।
साथ ही, एआई एवं डिजिटल तकनीक से जुड़े कौशल, अनुसंधान और रोजगार की संभावनाओं को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। लखनऊ एआई सिटी परियोजना प्रदेश को उभरती तकनीकों के क्षेत्र में आगे बढ़ाने और उत्तर प्रदेश में भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए मजबूत आधार तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।