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UP Politics: मिशन 2027 पर सरकार–संगठन–संघ की बैठक में गहन मंथन, मुख्यमंत्री आवास पर हुई समन्वय मीटिंग

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास पर सोमवार शाम सरकार, संगठन और संघ का शीर्ष नेतृत्व एक साथ बैठा। अगस्त 2024 के बाद यह विशेष समन्वय बैठक करीब सवा साल...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Akash Pandey
Publish Date: Tue, 02 Dec 2025 05:22:47 AM (IST)Updated Date: Tue, 02 Dec 2025 05:26:25 AM (IST)
UP Politics: मिशन 2027 पर सरकार–संगठन–संघ की बैठक में गहन मंथन, मुख्यमंत्री आवास पर हुई समन्वय मीटिंग
सरकार–संगठन–संघ की बैठक में गहन मंथन

डिजिटल डेस्क। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास पर सोमवार शाम सरकार, संगठन और संघ का शीर्ष नेतृत्व एक साथ बैठा। अगस्त 2024 के बाद यह विशेष समन्वय बैठक करीब सवा साल बाद आयोजित हुई। बैठक में मिशन 2027 को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक, संगठनात्मक और प्रशासनिक स्तर पर व्यापक पुनर्समीक्षा की दिशा में इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ये लोग थे मौजूद

बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष, आरएसएस के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार, यूपी पश्चिम क्षेत्र के प्रचारक महेंद्र कुमार, पूर्वी क्षेत्र के प्रचारक अनिल कुमार, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र चौधरी तथा महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह मौजूद रहे। शीर्ष नेतृत्व की यह उपस्थिति संकेत देती है कि पार्टी आने वाले समय में यूपी की राजनीतिक जमीन पर फिर से ‘माइक्रो प्रबंधन’ मोड में काम करेगी।


सूत्रों के अनुसार, संघ और भाजपा नेतृत्व 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले संगठनात्मक मजबूती और एकजुटता सुनिश्चित करने में जुट गया है। संघ अपने शताब्दी वर्ष के दौरान एक बड़ा हिंदू सम्मेलन आयोजित करेगा, जिसे जनवरी में लखनऊ में करने की तैयारी है। आरएसएस के पंच प्रण सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी आचरण और नागरिक कर्तव्यों को जन-जन तक पहुंचाने की बात कही गई।

बैठक में सरकार और संगठन द्वारा चल रहे कार्यों की समीक्षा, कुछ नीतिगत व प्रशासनिक मुद्दों पर समन्वय तथा आगामी महीनों में जमीनी स्तर पर काम को और प्रभावी बनाने के उपायों पर मंथन हुआ। पिछले दो महीनों में आरएसएस के विभिन्न अनुषांगिक संगठनों द्वारा मंत्रियों के साथ हुई अलग-अलग बैठकों से निकले निष्कर्ष भी इसमें शामिल किए गए। राजनीतिक हलकों में इसे चुनावी तैयारियों और सरकार–संगठन की भावी दिशा का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

संगठनात्मक और राजनीतिक फीडबैक

मुख्य बैठक से पहले अरुण कुमार ने भारती भवन में अलग-अलग नेताओं से मुलाकात कर संगठनात्मक और राजनीतिक फीडबैक लिया। उन्होंने पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र प्रचारकों के साथ बंद कमरे में बैठकर संघ के कार्यों की स्थिति, स्वयंसेवकों की सक्रियता, शाखाओं के विस्तार और सामाजिक समरसता जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। समन्वय बैठक में यह भी तय किया गया कि जल्द ही निगम, आयोग और बोर्ड में भाजपा के पुराने कार्यकर्ताओं को समायोजित किया जाएगा।

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