काजीरंगा नेशनल पार्क एक सींग वाले गैंडों का घर है और दुनिया में सबसे ज्यादा गैंडे यहीं पाए जाते हैं। यह यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट भी है, जहां जीप और हाथी सफारी के दौरान बाघ, हाथी, हिरण और कई तरह की दुर्लभ प्रजातियां देखने को मिलती हैं।
ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे बसा यह पार्क केवल वन्यजीव प्रेमियों के लिए नहीं बल्कि हर प्रकृति प्रेमी के लिए स्वर्ग जैसा अनुभव है। यहां की हरियाली, खुला आसमान और रोमांचक सफारी टूरिस्टों को मंत्रमुग्ध कर देता है।
भारत का सबसे बड़ा और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बौद्ध मठ, जो 17वीं सदी में बना था। समुद्र तल से 10,000 फीट ऊंचाई पर स्थित यह मठ बर्फ से ढकी चोटियों और गहरी घाटियों के बीच आध्यात्मिक शांति का अनोखा अनुभव कराता है।
यहां की पवित्रता और सुकून हर यात्री को मोह लेता है। बर्फीले पहाड़ों और घाटियों से घिरा यह मठ ध्यान और अध्यात्म का प्रमुख केंद्र माना जाता है, जहां पहुंचकर मन पूरी तरह शांत हो जाता है।
चेरापूंजी दुनिया में सबसे ज्यादा बारिश के लिए जानी जाती है। यहां के लिविंग रूट ब्रिज, घने जंगल, हरे-भरे पहाड़ और झरने इसे प्रकृति प्रेमियों के लिए सपनों की जगह बनाते हैं।
नोह्संगिथियांग फॉल्स और सेवन सिस्टर्स फॉल्स यहां के सबसे मशहूर झरनों में गिने जाते हैं। यहां की ठंडी हवाएं, हरियाली और अनोखी संस्कृति किसी को भी लंबे समय तक अपनी यादों में कैद कर लेती हैं।
Shillong – पूर्व का स्कॉटलैंड मेघालय की राजधानी शिलांग अपनी खूबसूरत पहाड़ियों, नीली झीलों और झरनों के लिए "पूर्व का स्कॉटलैंड" कहलाती है। उमियम झील में बोटिंग, लेडी हैदरी पार्क में सैर और एलिफेंट फॉल्स की खूबसूरती यहां का खास अनुभव है।
सिक्किम की राजधानी गंगटोक हिमालयी नजारों की वजह से मशहूर है। यहां से बर्फीली चोटियों का अद्भुत दृश्य दिखाई देता है। त्सोमगो झील, नाथुला दर्रा और शहर की साफ-सुथरी वादियां पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं।
उत्तरी सिक्किम की गुरुडोंगमार झील और युमथांग घाटी हर यात्री के दिल में बस जाती हैं। यहां का शांत वातावरण, प्राकृतिक सुंदरता और बर्फ से ढके पहाड़ इसे जीवन भर की यादगार यात्रा बना देते हैं।