विवाह में क्यों दिए जाते हैं 7 वचन? जानें


By Prakhar Pandey04, Dec 2023 08:51 AMnaidunia.com

विवाह की रस्में

हिंदू धर्म में कोई भी मांगलिक कार्य पूरे रीति-रिवाजों से होता है। आइए जानते है विवाह में दिए जाने वाले 7 वचनों के महत्व और वजहों के बारे में।

सोलह संस्कारों में एक

विवाह हिंदू धर्म में सोलह संस्कारों में से एक है। इस दौरान निभाई जाने वाली रस्मों में 7 फेरे लेने का रस्म एक महत्वपूर्ण रस्म होता है।

अधूरी मानी जाती है शादी

शादी बिना 7 फेरों के लिए पूरी नहीं मानी जाती है। विवाह में पवित्र अग्नि के 7 फेरे लिए जाते है, इस दौरान पति-पत्नी अपने रिश्ते को और मजबूत बनाने के लिए कुछ वचन भी लेते है।

पहला वचन

विवाह के दौरान पहला वचन दूल्हा अपने दुल्हन को यह देता है कि जब भी पत्नी शादी के बाद व्रत और पूजन करेगी या धार्मिक स्थान पर जाएगी तो वह उसके साथ रहेगा।

दूसरा और तीसरा वचन

दूसरे वचन में पत्नी अपने पति से अपने माता-पिता का सम्मान करने का वचन मांगती है। वही वह लड़के के माता-पिता के सम्मान का वचन लेती है। तीसरा वचन पत्नी अपने पति से जीवन के तीनों पड़ाव को सात जीने का मांगती है।

चौथा और पांचवां वचन

चौथा वचन पत्नी अपने पति से पारिवारिक जिम्मेदारियां को पूरी तरह से निभाने का लेती है। पांचवा वचन पत्नी अपने पति से या लेती है कि वह घर में किसी बड़े खर्च से पहले उसकी राय लेगा।

छठा वचन

छठवें वचन में पत्नी अपने पति से यह वचन लेती है कि जब वह अपने दोस्तों या किसी अन्य महिला मित्र के साथ समय बिताएंगी तो पति उसका अपमान नहीं करेगा। इसके अलावा पति सभी बुरी आदतों से भी दूर रहेंगे।

सातवां वचन

सात फेरों के दौरान पत्नी सातवां और अंतिम वचन यह लेती हैं कि पति किसी अनजान महिला को अपनी मां-बहन के रूप में देखेंगे और पति-पत्नी के इस रिश्ते में किसी तीसरे व्यक्ति की जगह नहीं होगी।

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