अक्सर लोगों को लगाता हैं कि कुंडली में मंगल दोष होना अशुभ है, लेकिन ऐसा नहीं होता है कुछ स्थितियों में फायदेमंद होता है।
जब मंगल प्रथम यानी लग्न भाव में हो, तो ऐसी स्थिति में व्यक्ति साहसी और पराक्रमी होते हैं, जिसके कारण कार्य क्षेत्र में सफलता मिलती है।
जब मंगल चतुर्थ भाव में होता है,तो ऐसी स्थिति में जातक शक्तिशाली और आकर्षक व्यक्तित्व वाला होता हैं और उनकी सुख-सुविधा में कमी नहीं होती हैं।
यदि मंगल सप्तम भाव में हो, तो जातक को जमीन से जुड़े कामों में सफलता मिलती है। इसके साथ ही धन लाभ होता है।
अष्टम भाव में मंगल हो, तो जातक को आकस्मिक रूप से धन लाभ होता है। अष्टम भाव से व्यक्ति के जीवन में खूब धन आता है।
मान्यताओं के अनुसार, मंगल के द्वादश भाव में होने से जातक को विदेशों में भूमि-संपदा खरीदने में कामयाबी मिलती है।
लेख में दी गई सभी जानकारियां सामान्य मान्यताओं पर आधारित है जिसकी हम अपनी तरफ से कोई भी पुष्टि नहीं करते हैं।
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