शारदीय नवरात्रि इस साल 15 अक्टूबर से शुरू होने वाले हैं। इस दौरान साधक माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-अर्चना करते हैं और व्रत करने के साथ अखंड ज्योति भी जलाते हैं।
हिंदू धर्म में मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान अखंड ज्योत जलाने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और देवी मां की कृपा पूरे परिवार पर बनी रहती है।
अखंड ज्योति को प्रज्वलित करते समय ‘शुभम करोति कल्याणं,आरोग्यं धन संपदाम्, शत्रु बुद्धि विनाशाय,दीपं ज्योति नमोस्तुते' मंत्र का जाप करना चाहिए।
अखंड ज्योति को हमेशा अन्न जैसे जौ, चावल या गेहूं की ढेर पर रखना चाहिए। अखंड ज्योति को कभी भी सीधे जमीन पर नहीं रखना चाहिए।
जब तक घर में अखंड ज्योत जलती रहे, तब तक घर में ताला नहीं लगाना चाहिए। घर में अखंड ज्योत जलाकर घर को अकेला नहीं छोड़ना चाहिए।
अखंड ज्योत जलाने के लिए हमेशा सही दीपक का इस्तेमाल करें। दीपक टूटा या खंडित नहीं होना चाहिए। 9 दिन पूरे के बाद अखंड ज्योति को स्वाभाविक रूप से बुझने देना चाहिए।
अखंड ज्योत में समय पर तेल या घी डालते रहें। अखंड ज्योत के लिए मिट्टी के बड़े आकार के दीपक का इस्तेमाल करें, ताकि घी या तेल ज्यादा दिनों तक चले।