नेल एक्सटेंशन हाथों की खूबसूरती बढ़ाने के लिए किया जाता है। इसमें आपके ओरिजनल नेल्स के ऊपर एक्रेलिक के नकली नाखून लगाए जाते हैं। फिर नेल्स को शेप देने के बाद नेल पेंट लगाया जाता है।
पहले नेल्स की प्लेटों को चिपकाया जाता है। जिसके बाद फाइबर ग्लास, जैल कोटिंग से नाखून को शाइन देकर मजबूत बनाया जाता है। नेल्स को खूबसूरत बनाने के लिए स्टोन, शिमरी का इस्तेमाल किया जाता हैं।
प्राइमर का इस्तेमाल नाखूनों को केमिकल रिएक्शन से सुरक्षित रखकर डैमेज होने से बचाता है, इसलिए नेल्स को शेप में लाने के बाद इन पर प्राइमर अप्लाई करें।
नेल एक्सटेंशन चिपकाने के बाद नाखूनों को 40 मिनट तक यूवी लैंप में रखें। तीन-चार बार इस प्रक्रिया को दोहराने से नेल एक्सटेंशन अच्छी तरह चिपक जाएंगे।
नेल एक्सटेंशन के टाइम ओरिजनल नेल्स को फाइन किया जाता है। जिसके कारण असली नाखून बेजान और रूखे हो जाते हैं।
हाथों की खूबसूरत दिखाने नेल एक्सटेंशन तो करवाते हैं, लेकिन उसके बाद घर के काम करने में, टाइपिंग करने आदि में दिक्कत आती है।
नेल एक्सटेंशन काफी महंगा होता है। इसकी कीमत 1000 रुपए से लेकर 6000 हजार रुपए तक होती है। नेल एक्सटेंशन के बाद नाखूनों की केयर करने का खर्च भी बहुत महंगा होता है।