जीरा एक तरह का मसाला है। इसे भारत में बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जाता है। यह व्यंजन को अच्छा स्वाद देता और इसकी महक से डाइजेस्टिव एंजाइम सक्रिय हो सकते हैं।
सही वक्त पर खाना न खाने और गलत खान-पान की वजह अपच की समस्या हो सकती है। पाचन संबंधी विकार, डायरिया, अपच, गैस और पेट फूलने जैसी समस्या को कम करने के लिए उपयोग किया जा रहा है!
जीरे में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण ठंड से बचाने में मदद कर सकते हैं। साथ ही इम्यूनिटी को बढ़ाकर संक्रमण से लड़ने में मदद कर सकते हैं।
जीरे में इम्यूनोमॉड्यूलेटरी प्रभाव होते हैं, जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं । जीरे में मौजूद आयरन ऑक्सीजन को शरीर की कोशिकाओं तक पहुंचाकर इम्यूनिटी को मजबूत करता है।
जीरा का उपयोग वजन नियंत्रित करने के लिए भी किया जाता है। वजन कम करने के लिए जीरा पानी को लाभदायक माना जाता है। अगर नींबू की बूंदें मिला दी जाए, तो यह प्रभावी काम करता है।
आयरन की कमी से एनीमिया यानी खून की कमी की समस्या हो सकती है। इससे शरीर कमजोर होने लगता है! इस समस्या में जीरा का सेवन किया जा सकता है।
जीरे के गुण में पेट दर्द और डायरिया जैसी परेशानियों से बचाव करना भी शामिल है । जीरा में एनाल्जेसिक गुण होता है, जो दर्द से राहत दिलाने के लिए जाना जाता है ।