जेष्ठ पूर्णिमा पर कुछ विशेष उपाय और मां लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करने से आर्थिक स्थिति सुधरती है और मां लक्ष्मी की असीम कृपा बरसती है।
ज्येष्ठ पूर्णिमा पर पीपल के पेड़ की पूजा का महत्व माना जाता है। इस दिन एक लोटे में पानी भर कर कच्चा दूध और बताशा डालकर पीपल के पेड़ को अर्पित करने से अटका हुआ धन वापस आ जाता है।
ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन पति-पत्नी को साथ में सुबह के समय शिवलिंग पर दूध चढ़ाना चाहिए और शाम के समय चंद्र को अर्घ्य देना चाहिए। ऐसा करने से वैवाहिक जीवन की कैसे भी समस्या दूर हो जाती है।
घर के आसपास कोई कुआं हो तो उसमें एक चम्मच दूध और 1 रुपए का सिक्का डाल आएं। ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन इस उपाय को करने से भाग्य साथ देने लगता है, आर्थिक स्थिति बेहतर होती है।
ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन अगर पीपल या नीम के पेड़ के नीचे भगवान विष्णु का 'विष्णु सहस्त्रनाम पाठ' या फिर भगवान शिव का 'शिवाष्टक पाठ' किया जाए तो इससे ग्रह दोष दूर होता है।
ज्येष्ठ पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी की तस्वीर पर 11 कौड़ियां चढ़ा कर हल्दी से तिलक करें और फिर अगले दिन उन कौड़ियों को तिजोरी में लाल कपड़े में रख दें। ऐसा करने से मां लक्ष्मी का वास घर में रहता है।