अगर आप नेल पैंट, शैम्पू और पर्फ्यूम जैसे प्रोडक्ट्स रोजाना इस्तेमाल करती हैं, तो आपको एक बार इसमें मौजूद कैमिकल्स की लिस्ट जरूर चेक करनी चाहिए।
एक नई स्टडी के मुताबिक इस तरह के प्रोडक्ट्स में टॉक्सिक केमिकल्स का उपयोग भी होता है, जिसमें हेयर स्प्रे और आफ्टरशेव भी शामिल हैं।
यह प्रोडक्ट्स हमारी स्किन के अंदर चले जाते हैं और लिवर, किडनी, फेफड़ों और अन्य अंगों को नुकसान पहुंचाते हैं।
जर्नल ऑफ क्लिनिकल एंडोक्रिनोलॉजी एंड मेटाबॉलिज्म के मुताबिक यह एंडोक्राइन को नुकसान पहुंचाने वाले केमिकल्स महिलाओं में डायबिटीज के बढ़े हुए खतरे से जुड़े हुए हैं।
थैलेट ऐसे केमिकल्स होते हैं, जिनका उपयोग प्लास्टिक में काफी किया जाता है।
थैलेट एक्सपोजर कम प्रजनन क्षमता, मधुमेह और अन्य अंतःस्रावी विकारों से जुड़ा हुआ है।
रिसर्च में छह साल तक 1,308 महिलाओं को स्टडी किया गया, यह देखने के लिए कि इन लोगों में थैलेट डायबिटीज का कारण बन रहे हैं, कि नहीं।
6 सालों में करीब 5 फीसदी महिलाएं डायबिटीज का शिकार हो गईं।
स्टडी में यह भी देखा गया कि इस हानिकारक केमिकल्स का असर वाइट महिलाओं में हुआ जबकि इसका संबंध ब्लैक या एशियाई महिलाओं में नहीं देखा गया।