विवाह हमेशा शुभ मुहूर्त में ही किया जाता है। आइए जानते है शुभ मुहूर्त में विवाह करने के लिए किन 6 बातों का ध्यान रखना चाहिए।
शुभ मुहूर्त में शादी करने से वर-वधु का दांपत्य जीवन सुखी और मंगलमयी रहता है। शुभ मुहूर्त में शादी करने से दंपत्ति को सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
विवाह को शुभ मुहूर्त निकालते समय इस बात का खास ख्याल रखें कि जिस महीने में आपका जन्म हुआ है, उस माह में आपकी शादी नहीं हो सकती है।
अगर माता-पिता अपने ज्येष्ठ पुत्र का विवाह कर रहे है तो इस बात का ध्यान रखें कि बड़े लड़के की शादी ज्येष्ठ माह में नहीं होती है।
मान्यताओं के अनुसार, जिस महीने में माता-पिता का विवाह हुआ हो, उस महीने में बच्चों की शादी नहीं करने से बचना चाहिए।
कभी भी बच्चों की शादी खरमास और मलमास में नहीं की जाती है। इस माह में किसी भी प्रकार के शुभ कार्यों की मनाही होती है।
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, गोचर में जब गुरु और शुक्र का तारा अस्त हो तब भी शादी नहीं करनी चाहिए। ऐसा करने से वैवाहिक जीवन में समस्याएं आती हैं।
चंद्रग्रहण और सूर्य ग्रहण वाले माह के पहले तीन माह और बाद के तीन माह में भी शादी करने से बचना चाहिए। ऐसा करने से वैवाहिक जीवन में समस्याएं आती हैं।
अगर आपको विवाह के शुभ मुहूर्त से जुड़ी ये स्टोरी आपको पसंद आई तो ऐसी ही धर्म और अध्यात्म से जुड़ी खबरों के लिए पढ़ते रहें naidunia.com