हिंदू धर्म में कई चीजों को रामायण काल से जोड़कर देखा जाता है। आज हम आपको बताएंगे कि सीताफल का रामायण काल से क्या कनेक्शन?
सीताफल की जरूर ठंड के मौसम में बढ़ जाती है। इस मौसम में लोग हद से ज्यादा सीताफल खाने की डिमांड करने लगते है।
बच्चे से लेकर बुजुर्ग और कर्मचारी से लेकर व्यापारी तक हर वर्ग के लोग इसका सेवन करना पसंद करते है। स्वास्थ्य के लिए भी यह फायदेमंद होता है।
यह एक लो कैलोरी फल है जो आयरन का अच्छा स्रोत होता है। पंडित अरविंद के मुताबिक इसका कनेक्शन रामायण काल में माता सीता से कुछ इस प्रकार है।
सीताफल एक ऐसा फल है जिसको श्रीराम के वनवास के समय से जोड़कर देखा जाता है। इसे लेकर कई ऐतिहासिक कहानियां भी है।
पौराणिक कहानियां में इस बात का वर्णन मिलता है कि श्रीराम माता सीता के लिए यह फल लेकर आए थे। वनवास के दिनों में माता सीता को यह फल सबसे ज्यादा प्रिय था।
रावण ने जब माता सीता का हरण किया था तो वह बहुत दुखी हुई थी। इस दौरान उनकी आंखों से जो आंसू निकले वह जंगल में गिरे और सीताफल के पेड़ों का जन्म हुआ।
सीताफल को शरीफा भी कहते है। पोषक तत्वों से भरपूर यह फल ठंड में शरीर के लिए लाभकारी माना जाता हैं। स्टोरी में लिखी बातें मान्यताओं पर आधारित है।