हर साल आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवशयनी एकादशी पड़ती है।
देवशयनी एकादशी तिथि का आरंभ 29 जून को सुबह 03.18 मिनट से होगी। वहीं, 30 जून को दोपहर 02.42 मिनट तक रहेगी।
तुलसी के पौधे में मां लक्ष्मी का वास होता है। साथ ही देवी व्रत रखती हैं। इसलिए देवशयनी एकादशी के दिन तुलसी को जल देने से बचें।
एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए। अगर तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल करना है तो डंठल पहले ही तोड़ ले।
तुलसी के आसपास गंदगी नहीं होनी चाहिए। साथ ही जूते-चप्पल रखने से बचें।
देवशयनी एकादशी के दिन गंदे हाथों से तुलसी को छूने की मनाही होती है। इससे भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं।
देवशयनी एकादशी के दिन काले कपड़े पहनकर पूजा करने से बचना चाहिए।