घर के इन हिस्सों में न लगाएं ताला, वरना बढ़ जाएगा दुर्भाग्य


By Ekta Sharma2023-04-10, 17:45 ISTnaidunia.com

ताले लगाने के नियम

घर में लगे ताले से ही हमारे भीतर सुरक्षा की भावना पैदा होती है। वास्तुशास्त्र में ताले को लेकर कई नियम बताए गए हैं।

वास्तु के अनुसार लगाएं ताला

वास्तु जानकार कहते हैं कि इन नियमों का पालन करने से घर की सुरक्षा बढ़ती है और किसी भी प्रकार की चोरी अथवा नुकसान की संभावना कम होती है।

पूर्व दिशा

पूर्व दिशा को सूर्य का स्थान माना जाता है और इस दिशा में हमेशा तांबे के ताले ही लगाने चाहिए। इससे घर की सुरक्षा बढ़ती है और चोरी का भय कम हो जाता है।

पश्चिम दिशा

पश्चिम दिशा को शनि का स्थान माना जाता है, इस दिशा में हमेशा लोहे के भारी और मजबूत ताले लगाने चाहिए। पश्चिम दिशा में लगाए गए ताले का रंग भी काला हो, तो चोरी का खतरा कम हो जाता है।

उत्तर दिशा

उत्तर में पीतल के ताले लगाने से सुरक्षा बढ़ती है। इस दिशा में धातु के ताले लगा रहे हैं, तो ताले का रंग सुनहरा हो। बड़े कारखाने या शोरूम में लगने वाले तालों पांच हो, तो चोरी की संभावना कम होती है।

दक्षिण दिशा

दक्षिण दिशा में पांच धातु के ताले लगाने या भारी ताले लगाने से सुरक्षा बढ़ती है। यदि पांच धातु के ताले नहीं हैं, तो ताले पर लाल या चेरी रंग चढ़ा कर लगा सकते हैं।

राहु का स्थान

यदि घर, दुकान या मकान उत्तर-पूर्व मुखी है, तो पीले रंग का ताला लगाना चाहिए। पश्चिम-पूर्व में भी लाल या चेरी रंग के ताले लगाने चाहिए। दक्षिण-पश्चिम दिशा में राहु का स्थान होता है।

तालों से न आए आवाज

तालों से संबंधित एक अन्य बात जो अत्यंत ध्यान वाली है, वह यह है कि तालों और कब्जों से आवाज नहीं आनी चाहिए। समय-समय पर इसमें तेल डालते रहना चाहिए।

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