ज्यादातर लोगों का मानना होता है कि चाय पीने से नींद नहीं आती है। कुछ लोग तरोताजा महसूस करने के लिए भी चाय का सेवन करते हैं।
काम करते समय नींद आने पर हर कोई चाय पीने की सलाह देता है। आइए जान लेते हैं कि क्या सच में चाय पीने से नींद उड़ सकती है।
चाय पीने के बाद कुछ देर के लिए सभी तरोताजा महसूस करने लगते हैं। इसके पीछे वजह है कि चाय में एक ऐसा स्टिलुमेंट होता है, जो बॉडी सेल्स को बूस्ट करने का काम करता है।
दरअसल, चाय के अंदर मौजूद स्टिलुमेंट कैफीन होता है। इसकी मदद से नींद लाने वाले एडिनोसिन रिसेप्टर कुछ देर के लिए ब्लॉक हो जाते हैं।
कैफीन को भी एक तरह का नशीला पदार्थ माना जाता है। इसका असर अन्य नशीले पदार्थों की तरह ही कुछ देर बाद शुरू होकर 4 से 5 घंटे तक बरकरार रहता है।
ऐसा देखा गया है कि चाय के शौकीनों को अक्सर कम नींद आने की समस्या का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा तनाव की स्थिति भी पैदा हो जाती है।
शरीर में ज्यादा मात्रा में कैफीन जानने के कई साइड इफेक्ट्स होते हैं। इसी वजह के चलते एक्सपर्ट कम मात्रा में चाय पीने की सलाह देते हैं।
डॉक्टरों का मानना है कि अगर आप दिन में दो कप चाय पीते हैं तो यह दवा की तरह असर करती है। हालांकि, इससे ज्यादा चाय पीना शरीर के लिए खतरनाक हो सकता है।