Gita Updesh: इन दो स्थितियों में न लें कोई फैसला, वरना बाद में होगा पछतावा


By Sahil16, Nov 2023 08:00 PMnaidunia.com

श्रीमद्भागवत गीता

हिंदू धर्म के महत्वपूर्ण ग्रंथों में से एक श्रीमद्भागवत गीता है। भगवान कृष्ण ने अर्जुन को खुद गीता की अनमोल सीख दी थी, जिन्हें आप भी फॉलो कर सकते हैं।

गीता के उपदेश

श्रीमद्भागवत गीता में श्रीकृष्ण की बताई गई बातों का उल्लेख है। इस उपदेशों का पालन करने से व्यक्ति जीवन की तमाम परेशानियों का सामना कर सकता है।

महत्वपूर्ण निर्णय

अक्सर हर किसी को अपने जीवन में कुछ निर्णय लेने पड़ते हैं। गीता में भगवान कृष्ण ने बताया है कि व्यक्ति को महत्वपूर्ण निर्णय किन स्थितियों में नहीं लेने चाहिए।

इस समय न लें फैसला

गीता के मुताबिक, जब व्यक्ति हद से ज्यादा खुश और दुखी होता है तो उसे बड़े फैसले नहीं लेने चाहिए। ऐसा करने का पछतावा आपको बाद में हो सकता है।

मन को करें शांत

आपको कोई भी बड़ा निर्णय लेना है तो सबसे पहले अपने मन को शांत करें। इसके बाद अच्छे से विचार करें और निर्णय लें कि परिस्थिति के अनुसार क्या करना सही होगा।

अशांत मन से न लें फैसले

दरअसल, जब मन अशांत होता है तो सही फैसले लेना बेहद मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति भावनाओं में आकर निर्णय ले लेता है।

जीवन में बदलाव करें

श्रीकृष्ण का कहना है कि हमारे जीवन में कोई भी समस्या बगैर वजह नहीं आती है। जिंदगी में आने वाली परेशानियां संकेत देती हैं कि आपको कुछ बदलाव करने की जरूरत है।

क्रोध न करें

क्रोध व्यक्ति का सबसे बड़ा शत्रु होता है। इसकी वजह से हमारे प्रेम संबंध नष्ट हो जाते हैं। क्रोध का क्षण समाप्त होने के बाद हमे एहसास होता है कि हमने क्या किया है।

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