पर्यटन की द्रष्टि से ग्वालियर काफी समृद्ध है। अब ग्वालियर में शाम को सुहाना बनाने के लिए कई स्पाट डवलप किए गए हैं। दिन भर घूमने के बाद पर्यटक अपनी शाम को यादगार बना सकते है।
ग्वालियर दुर्ग पर लाइट एंड साउंड कार्यक्रम शुरू होने के बाद सैलानियों को मकरंद देशपांडे का हिंदी और कबीर बेदी की आवाज और लाइटिंग से ग्वालियर के अभेद दुर्ग की जीवंत कहानी सुनने को मिलेगी।
यहां दोपहर दो बजे से रात नौ बजे तक शहर के बीच तैरते रंगमंच पर रंग-बिरंगी रोशनी के बीच बोटिंग का अलग ही मजा है। शाम होते ही यहां बने ताल के चारों ओर रंग-बिरंगी रोशनी से परिसर आकर्षक बन जाता है।
कटोराताल में पर्यटकों के लिए आकर्षक म्यूजिकल फाउंटेन शो होते हैं। हिंदी-अंग्रेजी में दो शो होते हैं। संगीत सम्राट तानसेन की थीम पर तैयार किए गए शो के लिए आवाज उस्ताद अरसद अली खान ने दी है।
जल विहार सबसे पुराने उद्यान की अलग पहचान रखता है। इसे इटालियन गार्डन के नाम से जाना जाता है। यहां शाम के समय रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाता परिसर बहुत आकर्षक दिखाई देता है।
यहां देर रात तक लोगों की भीड़ देखी जा सकती है। यहां सात देशों के आर्किटेक्चर पर जगमगाती स्वर्ण रोशनी अत्यंत आकर्षक लगती हैं। यहां का जीवाजी उद्यान भी लोगों को के लिए आकर्षण की जगह है!
ग्वालियर घूमने के बाद जब स्वादिष्ट खानपान की बात आती है तो फूलबाग चौपाटी पर अलग-अलग व्यंजनों का आनंद लिया जा सकता है। गुरुद्वारा चौपाटी और बैजाताल चौपाटी भी यहां से नजदीक हैं।