खाने-पीने की हर चीज में किसी ना किसी रुप में चीनी होता है। मधुमेह के रोगियों को इसका ध्यान रखना चाहिए।
आप मीठा पूरी तरह नहीं छोड़ सकते। जैसे चावल या आटा में भी कार्बोहाइड्रेट यानी मीठा मौजूद रहता है।
यह फलों में फ्रक्टोज, दूध में लैक्टोज और दूसरी मीठी चीजों में ग्लूकोज के रुप में पाया जाता है।
मधुमेह के मरीज चीनी का वैकल्पिक रूप गुड़, शहद आदि तय मात्रा में ले सकते हैं।
शुगर-फ्री टैबलेट में सैक्रीन होता है। इसका ज्यादा प्रयोग कैंसर को बढ़ावा दे सकता है।
शहद, फलों के रस आदि प्राकृतिक मिठास होती है। इनसे नुकसान के साक्ष्य नहीं मिले हैं।
सामान्य लोगों को भी कुल कैलोरी के दस प्रतिशत से ज्यादा मीठा नहीं लेना चाहिए।