तुलसी, अदरक जैसे तत्वों में औषधीय गुणों का खजाना छिपा है। रात में सोते समय तुलसी, अदरक का काढ़ा पीयें। जल्द आराम मिलेगा।
हल्दी भी औषधीय गुणों से भरपूर है। हल्दी डालकर दूध उबालें और इसे पी लें। सर्दी-जुकाम की समस्या जल्दी दूर होगी। बहती नाक से आराम मिलेगा।
आप एक कप पानी में नीलगिरी के तेल की दो-चार बूंदें डालकर इसकी भाप ले सकते हैं। भाप लेने से बलगम ढीला हो जाता है, जिसके बाद आप आसानी से इसे बाहर निकाल सकते हैं।
एक सूती कपड़े को गरम पानी में भिगोकर 15-20 मिनट अपने माथे और नाक पर रखें। सिंकाई से आपके साइनस एरिया में रक्त प्रवाह बढ़ जाता है। इससे आपको बहती नाक से राहत मिलेगी।
जल नेति के पॉट में नमक और गुनगुने पानी का घोल डालें और फिर इसे एक नासिका में डालकर दूसरी नासिका से निकाल दें। बहती नाक की समस्या दूर होगी।