हर्निया एक गंभीर बीमारी है, जो लगभग 2 प्रतिशत लोगों की आबादी में पाई जाती है। आइए जानते है कैसे करें इस बीमारी का इलाज?
हर्निया की बीमारी गलत जानकारी या जानकारी के अभाव में मरीजों में पाई जाती है। उपचार से वंचित लोग इस बीमारी का गंभीर शिकार हो जाते है।
पेट की मांसपेशियों के हिस्से में कमजोरी के चलते पेट के अंदर के अंग बाहर दिखने लगते है। दिखने वाले उस अंग के हिस्से में गुब्बारे जैसे सूजन बन जाती है।
हर्निया की बीमारी कई प्रकार के होते है। अंबिलिकल हर्निया (नाभि का बाहर आना), इंसीजनल हर्निया, वेंट्रल हर्निया, इनग्वायनल हर्निया, एपिग्रेस्टिक हर्निया जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती है।
हर्निया में सिर्फ और सिर्फ ऑपरेशन ही समाधान होता है। अन्य कोई भी जड़ी-बूटियां इसे ठीक कर पाने में असमर्थ रहती है।
ऑपरेशन में देरी से इस बीमारी की जटिलताएं बढ़ती है। जो आगे चलकर और घातक साबित हो सकता है। बीमारी के बारे में पता लगने पर यथाशीघ्र समाधान करना चाहिए।
जाली वाला ऑपरेशन जिसे हम मेश ऑपरेशन भी कहते है। इसे करने में उम्र का कोई बंधन नहीं होता हैं। सभी मरीजों में जाली वाला ऑपरेशन प्रचलित हैं।
मेश ऑपरेशन पारंपरिक विधि चीरा लगाकर एवं दूसरी अत्याधुनिक लेप्रोस्कोपिक यानी दूरबीन डालकर किया जाता हैं। दोनों ही तरीके मेडिकल साइंस के क्षेत्र में सफल माने जाते है।