कुछ लोग रात को काफी कम सोते हैं। इस वजह से शरीर में नींद की कमी हो जाती है और कई तरह के रोगों का खतरा बढ़ जाता है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि कम सोने का असर ओवरऑल हेल्थ पर पड़ता है। कई रिसर्च में दावा किया गया है कि नींद की कमी के चलते डायबिटीज का खतरा भी बढ़ जाता है।
रिसर्च में पता चला है कि कम सोने वाले लोगों के शरीर में फैटी एसिड की मात्रा ज्यादा होती है, जिसकी वजह से इंसुलिन फंक्शन भी प्रभावित होता है। इस स्थिति में शरीर ग्लूकोज लेवल कंट्रोल नहीं कर पाता है।
शरीर में ग्लूकोज का लेवल कंट्रोल न होने की वजह से ब्लड में शुगर की मात्रा बढ़ने लगती है। इससे बचने के लिए रात को पूरी नींद लेनी चाहिए।
कई रिसर्च में दावा किया गया है कि कम सोने की वजह से डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है। बता दें कि इससे टाइप 2 डायबिटीज की समस्या होने की ज्यादा संभावना होती है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि नींद की कमी हंगर हार्मोन को बढ़ाती है। जब रात को नाश्ता करते हैं तो ब्लड प्रेशर बढ़ता है और डायबिटीज का जोखिम पैदा होता है।
सवाल खड़ा होता है कि रात के समय कितने घंटे की नींद लेनी चाहिए। यदि आप हेल्दी रहना चाहते हैं तो कम से कम 7-8 घंटे की नींद रोजाना लें।
यहां दी गई जानकारी एक्सपर्ट्स की राय और सामान्य जानकारी पर आधारित है। इस पर अमल करने से पहले डॉक्टर से संपर्क जरूर करें।
यहां हमने जाना कि कम सोने से डायबिटीज का खतरा कैसे बढ़ता है। ऐसी ही अन्य हेल्थ से जुड़ी तमाम खबरों को पढ़ने के लिए जुड़े रहें naidunia.com के साथ