हर दिन किसी न किसी भगवान को समर्पित है। इसी तरह गुरुवार का दिन साईं भगवान का होता है। इस दिन सच्चे मन से पूजा करने से हर मुराद पूरी होती है। आइए जानते हैं कि साईं बाबा का व्रत कैसे किया जाता है-
गुरुवार के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठें और साईं बाबा का ध्यान करें। व्रत का संकल्प करें और उनकी मूर्ति पर गंगाजल छींटे देकर उन्हें पीला कपड़ा धारण कराएं।
साईं बाबा का व्रत बच्चे, बड़े और बुजुर्ग कोई भी कर सकता है। यह व्रत 9 गुरुवार तक करना होता है। इसके दौरान फलाहार ले सकते हैं। समय-समय पर चाय या फल का सेवन कर सकते हैं।
शाम के समय साईं बाबा के मंदिर जाकर दीपक जलाएं और उनके दर्शन करें। मंदिर से आने के बाद एक समय भोजन कर सकते हैं।
व्रत के दौरान महिलाओं को पीरियड्स आ जाए या किसी कारण से व्रत नहीं कर सकते हैं तो, दूसरे गुरुवार को कर सकते हैं।
आप साईं बाबा के लिए जो भी भोग बनाते हैं, इस दिन विशेष रुप से उसे गरीबों में बांटे और दान करें। फिर उस भोग को खुद भी खाएं।
साईं बाबा के व्रत में उनको मूंग दाल की खिचड़ी और बेसन के लड्डू या बूंदी के लड्डू का भोग लगाया जाता है। गुरुवार होने के नाते पीले रंग के लड्डू बाबा को चढ़ाए जाते हैं।
साईं बाबा की कहानी पूरी होने के बाद रिश्तेदारों और पड़ोसियों को बाबा के व्रत की किताबे दे सकते हैं। 5,11 या 21 गुरुवार को देना चाहिए। इससे उद्यापन भी पूरा हो जाएगा।
इस तरह से साई बाबा का व्रत करके आप मनचाही मुराद पूरी कर सकते हैं। एस्ट्रो से जुड़ी ऐसी ही अन्य खबरों के लिए पढ़ते रहें NAIDUNIA.COM