इस्लाम धर्म में रमजान का महीना सबसे फजीलत और बरकत वाला माना जाता है। इस पूरे महीने मुस्लिम रोजा रखते है और ज्यादा से ज्यादा इबादत करते है।
अगर आप डायबिटीज के मरीज है और रोजा रखने की सोच रहे है, तो इन बातों का ध्यान रखकर रखें क्योंकि डायबिटीज एक गंभीर समस्या है।
इस्लाम के अनुसार, अगर कोई रोजा रखता है, तो उसको सहरी यानी सुबह भोजन करना होता है और फिर शाम को इफ्तार यानी रोजे को खोलता है। सहरी से लेकर इफ्तार के बीच कुछ भी खाना-पीना वर्जित होता है।
डायबिटीज के रोगियों को रोजा रखते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वे समय-समय पर अपना ब्लड शुगर चेक करें।
डायबिटीज के लोगों के लिए फाइबर फायदेमंद होता है। इसलिए, कोशिश करें कि आप सहरी के भोजन में अधिक मात्रा में फाइबर शामिल कर सकें।
सहरी के समय दालचीनी का पानी पी सकते है। दालचीनी का पानी ब्लड शुगर को नॉर्मल रखने के साथ ही बार-बार भूख नहीं लगने देता है।
रोजा रखते समय इस बात का भी ध्यान रखें कि आप अच्छी नींद लें क्योंकि भरपूर नींद नहीं लेने के कारण ब्लड शुगर पर फर्क पड़ता है।
भारत में इफ्तार के समय लोग पकौड़ी का काफी सेवन करते है, लेकिन डायबिटीज के मरीजों को तला-भुना खाने से परहेज करना चाहिए।
इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए आप रोजा रख सकते है। लाइफस्टाइल की खबरों को पढ़ने के लिए जुड़े रहें naidunia.com के साथ