हिंदू धर्म में नवरात्रि का पर्व बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। नवरात्रि साल में 4 बार पड़ती हैं। 2 बार प्रकट नवरात्रि और 2 बार गुप्त नवरात्रि।
गुप्त नवरात्रि आषाढ़ और माघ महीने में मनाई जाती है। गुप्त नवरात्रि में 10 महाविद्याओं की पूजा गुप्त रूप से की जाती है।
आषाढ़ महीने में पड़ने वाली गुप्त नवरात्रि की शुरुआत 6 जुलाई से हो रही है और 15 जुलाई को समापन हो रहा है।
गुप्त नवरात्रि में पूजा करने के लिए सुबह जल्दी उठें और मंदिर को साफ करें। इसके बाद स्नानादि के बाद मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करें।
मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करने के बाद श्रृंगार सामग्री अर्पित करें और अक्षत, रोली, चंदन से विधिपूर्वक अभिषेक करें।
श्रृंगार सामग्री अर्पित करने के बाद मां दुर्गा को फूल की माला चढ़ाएं और इसके बाद देसी घी का दीपक जलाकर दुर्गा चालीसा का पाठ करें।
पूजा करते समय मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करें। इन मंत्रों का जाप करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।
मां दुर्गा को मिठाई और अन्य चीजों का भोग लगाएं और पूजा समाप्त होने के बाद प्रसाद वितरण करें। ऐसा करने से पूजा का पूर्ण फल मिलता है।
गुप्त नवरात्रि पर मां दुर्गा की पूजा इस प्रकार से करने पर शुभ फल प्राप्त होते हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है। धर्म और आध्यात्म से जुड़ी ऐसी ही अन्य खबरों के लिए पढ़ते रहें Naidunia.Com