डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है, जिसे काबू में रखने के लिए मरीज को अपनी डेली लाइफस्टाइल और खानपान पर काबू पाने की जरूरत होती है।
ब्लड शुगर बढ़ने पर प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, थकान, नजरों का कमजोर होना और शरीर का वजन घटने लगता है।
अनियंत्रित रक्त शर्करा शरीर की छोटी ब्लड वेसल्स (रक्त वाहिका) को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जिससे ब्लड की सप्लाई मुश्किल हो जाती है।
आमतौर पर 140 mg/dL (7.8 mmol/L) से कम रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) का स्तर सामान्य माना जाता है। अगर 200 mg dL से ऊपर है तो चिंता की बात है।
ब्लड शुगर बढ़ने पर आंखों की रेटिना प्रभावित होती है और नजर कमजोर होने लगती है। डायबिटीज के मरीजों की आंखों की रोशनी भी जा सकती है।
डायबिटीज मरीजों को पैरों में दर्द होने लगता है। पैरों तक ब्लड सर्कुलेशन ठीक से नहीं हो पाता जिससे किसी भी संक्रमण को ठीक करना मुश्किल हो जाता है।
डायबिटीज के मरीज को किडनी से संबंधित भी समस्या हो सकती है। बार-बार यूरिन आना, BP में गड़बड़ी, आंखों में सूजन, मतली, उल्टी जैसे लक्षण दिखते हैं।