हिंदू धर्म में कलश स्थापना का बहुत ज्यादा महत्व है। इसे शुभ और सुख-शांति का प्रतीक माना जाता है। पूजा-पाठ या किसी शुभ कार्य में कलश की स्थापना करने से पॉजिटिव एनर्जी बढ़ती है, लेकिन अगर इसे सही तरीके और सही हाथ से न रखा जाए, तो इसका उल्टा असर पड़ सकता है। आइए जानें कि कलश स्थापना करते टाइम किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
वास्तु के अनुसार, कलश को हमेशा दाएं हाथ से स्थापित करना चाहिए। बाएं हाथ से रखने पर नेगेटिव एनर्जी बढ़ सकती है।
कलश को घर की उत्तर पूर्व दिशा में रखना सबसे शुभ माना जाता है। इससे घर में सुख-समृद्धि बनी रह सकती है।
कलश को छूने से पहले हाथों को साफ करना चाहिए। गंदे या बिना धोए हाथों से कलश छूना अशुभ माना जाता है।
कलश में गंगाजल, सुपारी, चावल और सिक्का डालना बहुत जरूरी होता है। बिना इन चीजों के कलश को अधूरा माना जाता है।
कलश को शुभता के लिए लाल या पीले कपड़े से ढकने से देवी-देवताओं की कृपा बनी रहती है। इससे घर में खुशियां और शुभता बनी रहती है।
पूजा खत्म होने के बाद कलश के पानी में तुलसी या पौधों में डाल लें और सामग्री को बहते पानी में विसर्जित करें।
अगर आप घर में कलश स्थापना कर रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें। यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए दी गई है, ऐसी और जानकारी के लिए पढ़ते रहें। naidunia.com