हिंदू धर्म में तिलक को शुभता, आध्यात्मिक एनर्जी और पॉजिटिविटी का प्रतीक माना जाता है। इसे दिनभर माथे पर लगाना अच्छा होता है, लेकिन रात को तिलक लगाकर सोना वास्तु शास्त्र में अशुभ माना जाता है। आइए जानें रात को तिलक लगाकर सोना क्यों मना होता है और इसका क्या असर होता है।
रात को तिलक लगाकर सोने से मन को पूरी तरह से आराम नहीं मिलता है, जिससे स्ट्रेस और बेचैनी की दिक्कत हो सकती है।
वास्तु के अनुसार रात को तिलक लगाकर सोने से नेगेटिव एनर्जी अट्रैक्ट होती है, इससे खराब और डरावने सपने आ सकते हैं।
ऐसा कहा और माना जाता है कि तिलक लगाकर सोने से माता लक्ष्मी की कृपा में रुकावट आती है, जिससे आर्थिक प्रॉब्लम्स बढ़ सकती हैं।
तिलक की एनर्जी ग्रहों से जुड़ी होती हैं और रात को टीका लगाकर सोने से शुभ ग्रहों का असर कम हो सकता है।
रात को तिलक लगाकर सोने से एनर्जी मस्तिष्क को शांत नहीं होने देती है, जिससे अगले दिन सिर भारी और सुस्ती महसूस हो सकती है।
चंदन, हल्दी, रोली और भभूत से बने तिलक को लगाना ज्यादा असरदार होता है, क्योंकि ये एनर्जी को कंट्रोल करते हैं।
दिन भर तिलक लगाएं और रात को सोने से पहले इसे हटाकर ही सोएं। यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए दी गई है, ऐसी और जानकारी के लिए पढ़ते रहें। naidunia.com