वैदिक ज्योतिष में 12 राशियों का उल्लेख किया गया है और हर राशि का अलग स्वामी होता है। इतना ही नहीं, ग्रहों के गोचर का भी खास महत्व माना जाता है।
ज्योतिष शास्त्र में कुछ ग्रहों को अशुभ माना जाता है। इनमें केतु और राहु ग्रह का नाम भी शामिल है। दीपावली से पहले ये दोनों ग्रह गोचर करेंगे।
राहु और केतु 30 अक्टूबर को राशि परिवर्तन करेंगे। आइए जान लेते हैं कि राहु और केतु ग्रह के गोचर का किन राशि के जातकों पर बुरा असर पड़ेगा।
वैदिक ज्योतिष में उल्लेख है कि राहु ग्रह को शनिदेव के समान बताया गया है। वहीं, केतु ग्रह की तुलना मंगल ग्रह से की गई है। इस वजह से दोनों ग्रहों का राशि परिवर्तन कुछ जातकों के लिए शुभ नहीं होता है।
केतु और राहु के गोचर से मेष राशि वालों को सावधान रहना होगा। ऐसी संभावना है कि इस राशि के जातकों को दो ग्रहों के गोचर से सकारात्मक परिणाम भी मिल सकते हैं।
कर्क राशि के जातकों को भी केतु और राहु के गोचर के दौरान सावधान रहना होगा। इस दौरान आपका आर्थिक संकट बढ़ सकता है।
कन्या राशि वालों के लिए भी दो ग्रहों का गोचर मुश्किलों से भरा हो सकता है। राहु और केतु का गोचर इस राशि वालों को मानसिक तनाव दे सकता है।
मीन राशि के जातकों के लिए भी केतु और राहु का गोचर परेशानियों से भरा रहेगा। इस राशि वालों को हर कार्य धैर्य के साथ करने की जरूरत होगी।