कथक - भरतनाट़्यम में सेहत का राज


By anil Singh Tomar15, Apr 2023 02:17 PMnaidunia.com

बेहतर एक्सरसाइज है भरतनाट्यम व कथक

दोनों नृत्यों से शरीर को मिलने वाले मूवमेंट से मोटोपा दूर होता है। कथक विशेषज्ञ डा़ अंजना झा इन्हें बेहतर एक्सरसाइज मानती हैं। कहती हैं इस विधा को निरंतर रखा जाए तो शरीर को मजबूती मिलती है।

आंख, पलक और भौहों तक का मूवमेंट

कथक से आंख और पलकों तक को मूवमेंट मिलता है, जो नेचुरल भी रहता है। शरीर को फिट और मांसपेशियों को लचीला करता है और सहनशक्ति बढ़ाता है।

फिट रहते हैं दोनों नृत्यों से

कथक व भरतनाट्यम नृत्य से शरीर फिट रहता है। इसलिए युवाओं का झुकाव भी इस ओर बढ़ा है। दोनों ही नृत्य शरीर का वजन नहीं बढ़ने देते।

शरीर रहता है संतुलित

कथक और जिम के साथ शरीर का संतुलन बनाए रखने में भरतनाट्यम भी मददगार साबित हो रहा है। भरतनाट्यम अभिव्यक्ति और इशारों से जुड़ा है। नृत्य करने वाले ये योग से कम नहीं मानते।

अंगों को मिलती है गति

भरतनाट्यम के अभ्यास से अंगों को गति मिलती है और मुद्राएं और चालों से शरीर को संतुलन मिलता है। एक अच्छी प्रैक्टिस के बाद कोई भी व्यक्ति छह मंजिल तक बिना लिफ्ट के सीढि़यों से पहुंच सकता है।

त्वचा की चमक बढ़ती है

भरतनाट्यम नर्तकों की त्वचा में चमक और आंखों में अनुग्रह होता है। आंखों की गति आंखों की मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद करती है और मांसपेशियों को लचीला करता है।

इन चीजों से बढ़ता है यूरिक एसिड, फौरन बंद करें सेवन