कार्तिक मास की देवउठनी एकादशी के पश्चात दोबारा मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो चुकी है। लेकिन 2 हफ्तों बाद खरमास की शुरुआत से दोबारा मांगलिक कार्य रुक जाएंगे।
खरमास दिसंबर की 16 तारीख से लगने वाला हैं। इस दौरान मांगलिक कार्यों पर दोबारा से रोक लग जाएगी। शुभ कार्यों को खरमास में करने से बचना चाहिए।
16 दिसंबर से लगने वाले खरमास के साथ ही, गृह प्रवेश, विवाह, मुंडन जैसे तमाम शुभ कार्यों पर ब्रेक लग जाएगा। विवाह के सिर्फ कुछ ही शुभ मुहूर्त होंगे।
16 दिसंबर 2023 से 15 जनवरी 2024 तक लगभग 1 महीने के लिए खरमास रहेगा। 14 जनवरी को मकर संक्रांति के साथ खरमास का समापन होगा।
16 दिसंबर को सूर्यदेव धनु राशि में प्रवेश करेंगे। इस दिन खरमास की शुरुआत होगी और जब सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे तो इस खरमास का समापन होगा।
खरमास की महीना किसी भी शुभ और नए कार्यों को करने के लिए शुभ नहीं माना जाता है। ऐसे में किसी भी नए बिजनेस या प्रोजेक्ट की शुरुआत न करें।
बेटी की विदाई करना है तो खरमास से पहले कर दें। 15 दिसंबर के पहले किसी भी शुभ मुहूर्त में आप अपनी बेटी की विदाई कर सकते है। खरमास के दौरान तामसिक भोजन भी नहीं करना चाहिए।
खरमास के दौरान ईश्वर का ध्यान करें और गलती से भी देवी-देवताओं का अपमान न करें। खरमास के दौरान, श्रीहरि की पूजा का विशेष महत्व होता हैं।