गर्मियों के मौसम में हर साल लू लगने से लोगों की मौत होती है और कईयों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है।
अप्रैल महीने से ही गर्मी का प्रकोप शुरू हो गया है। ऐसे में जरुरी है कि आप इसके लक्षणों को पहचानें और बचाव के उपाय करें।
हीट स्ट्रोक या सन स्ट्रोक को आम भाषा में 'लू लगना' कहते हैं। ये तब होता है, जब शरीर बढ़ते तापमान को कंट्रोल नहीं कर पाता।
हीटस्ट्रोक की चपेट में आने पर शरीर का तापमान 104°F तक पहुंच सकता है। समय पर इलाज ना हो, तो जान जा सकती है।
लू लगने पर शरीर का स्वेटिंग मैकेनिज्म (पसीना आना) फेल हो जाता है। ऐसी स्थिति में इंसान को बिल्कुल पसीना नहीं आता।
लू लगने पर दिल की तेज धड़कन होना, सिरदर्द, चक्कर आना, मतली आना, भ्रम और बेहोशी जैसे लक्षण दिख सकते हैं।
लू से बचने के लिए कैफीन से दूर रहें। इसकी जगह ताजे फलों का जूस और छाछ जैसे पदाथों का सेवन करना चाहिए।
बच्चों और गर्भवती महिलाओं को विशेष तौर पर धूप के सीधे संपर्क में आने से बचना चाहिए और छाते का इस्तेमाल करना चाहिए।
ध्यान रखें क शरीर में पानी की कमी ना हो। साथ ही अधिक से अधिक फलों और हरी सब्जियों का सेवन करें।