सावन का महीना भोलेनाथ की पूजा-पाठ और व्रत के लिए ही नहीं बल्कि श्रृंगार के लिए भी खास माना गया है।
इस महीने में पूजा-पाठ के अलावा महिलाएं मेहंदी लगाती हैं, झूला झूलती हैं, श्रृंगार करती हैं और हरी-हरी चूड़ियां पहनती हैं।
सावन का महीना शुरू होते ही चारों ओर हरियाली नजर आने लगती है। इस महीने महिलाओं का खास पर्व हरियाली तीज भी होता है।
सावन और हरे रंग का गहरा संबंध होता है। इस महीने में वर्षा ऋतु रहती है और चारों ओर हरियाली ही हरियाली नजर आती है
हरे रंग को प्रकृति का रंग माना जाता है और बहुत ही शुभ माना जाता है। वहीं भगवान शिव और प्रकृति के बीच भी गहरा संबंध होता है।
भगवान शिव को प्रकृति से जुड़ी चीजें अधिक प्रिय हैं। उन्हें पूजा में हरे रंग के बेलपत्र, धतूरा, भांग जैसी चीजें अर्पित की जाती हैं।
ये महीना शिव को समर्पित होता है। वहीं शिव को पसंद होने के कारण सावन में हरे रंग का महत्व बढ़ जाता है।
हरे रंग को सुहाग का प्रतीक माना गया है। मान्यता है कि सावन में हरे रंग की चूड़ी पहनने से भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद मिलता है।