भाद्रपद माह की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाया जाता है। इस साल यह पर्व 19 सितंबर से शुरु होगा। आइए जानते है किन मंत्रों के जाप से प्रसन्न होंगे गणपति जी?
गणेश चतुर्थी के दौरान पूजा-पाठ करने से विशेष लाभ की प्राप्ति होगी। इस त्योहार के दौरान आपको गणेश चालीसा का पाठ और उनकी आरती करनी चाहिए।
'वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥', इस मंत्र का जाप करने से भी गणपति बप्पा अति प्रसन्न होते है।
गजाननं भूत गणादि सेवितं,कपित्थ जम्बू फल चारू भक्षणम् ।उमासुतं शोक विनाशकारकम्,नमामि विघ्नेश्वर पाद पंकजम् ॥ मंत्र का जाप करना चाहिए।
'त्रयीमयायाखिलबुद्धिदात्रे बुद्धिप्रदीपाय सुराधिपाय।नित्याय सत्याय च नित्यबुद्धि नित्यं निरीहाय नमोस्तु नित्यम्।' मंत्र का जाप करना चाहिए।
'गणपूज्यो वक्रतुण्ड एकदंष्ट्री त्रियम्बक:।नीलग्रीवो लम्बोदरो विकटो विघ्रराजक :।।धूम्रवर्णों भालचन्द्रो दशमस्तु विनायक:।गणपर्तिहस्तिमुखो द्वादशारे यजेद्गणम।।'
'ॐ गं गणपतये नमः ' मंत्र के जाप से भी जातको की तमाम परेशानियां दूर होती है। जीवन में आ रही कठिनाइयों को दूर करने के लिए इस मंत्र का जाप करना चाहिए।
गजानन को प्रसन्न करने के लिए ‘ॐ ग्लौम गौरी पुत्र, वक्रतुंड, गणपति गुरू गणेश।ग्लौम गणपति, ऋद्धि पति, सिद्धि पति. करो दूर क्लेश' मंत्र का जाप करना चाहिए।