महाभारत के युद्ध से जुड़ी कई रोचक कहानी लोगों के बीच प्रचलित हैं। पौराणिक कथाओं में भी इस युद्ध से संबंधित कोई रोचक प्रसंग मिलते हैं।
श्रीकृष्ण ने युद्ध में अप्रत्यक्ष तौर पर अहम भूमिका निभाई थी। इस युद्ध के दौरान ही भगवान कृष्ण ने अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया था।
युद्ध भूमि कुरुक्षेत्र में एक से बढ़कर एक शूरवीर उतरे थे। 18 दिन तक महाभारत का युद्ध चला। इससे जुड़े कई रहस्य आज भी उलझे हुए हैं।
अर्जुन का रथ कई मायनों में खास था, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि युद्ध खत्म होते ही उनका रथ जलकर राख हो गया था।
जी हां, महाभारत से जुड़े रहस्य में अर्जुन का रथ भी शामिल है। बेहद कम लोग इस बारे में जानते होंगे कि अर्जुन का रथ किस वजह से जला था।
युद्ध खत्म होते ही भगवान कृष्ण ने अर्जुन से कहा कि जल्दी रथ से नीचे उतरो। अर्जुन के उतरने के बाद श्रीकृष्ण भी उतर गए और दोनों के नीचे आते ही रथ धू-धू करके जल उठा।
कृष्ण ने बताया कि इस रथ पर हनुमान जी और शेषनाग विराजमान थे। साथ ही, मैं बतौर सारथी मौजूद था। इस वजह से इस रथ को कुछ नहीं हुआ।
श्रीकृष्ण ने जानकारी दी कि यह रथ पितामह भीष्म, आचार्य द्रोणाचार्य और कर्ण के प्रहार से पहले ही नष्ट हो गया था। हालांकि, हम तीनों की वजह से रथ संकल्प के सहारे चल रहा था।