महिलाओं के साथ ही पुरुषों में भी इनफर्टिलिटी का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। पुरुषों में स्मोकिंग, ड्रिंकिंग आदि के कारण ये समस्या बढ़ रही है।
ऐसा माना जाता है कि लैपटॉप पर अधिक समय तक काम करने के कारण इनफर्टिलिटी की समस्या को बढ़ रही है।
लैपटॉप को जो पुरुष गोद में रखकर काम करते हैं, उनके अंडकोष का तापमान लैपटॉप से निकलने वाली हीट के कारण 1 से 2 डिग्री तक बढ़ जाता है।
अंडकोष में ही स्पर्म का निर्माण होता है, अंडकोष का तापमान बढ़ने से स्पर्म काउंट 40 फीसदी तक घट जाता है और इनफर्टिलिटी की समस्या होती है।
दरअसल लैपटॉप से सिर्फ हीट ही नहीं निकलती है बल्कि इलेक्ट्रोमेग्नेटिक फील्ड भी बनती है, जिससे स्पर्म क्वालिटी प्रभावित होती है।
शुक्राणुओं की खराब गुणवत्ता के कारण भी पुरुष पिता बनने के सुख से वंचित रह जाते हैं। वैवाहिक जीवन में तनाव आ सकता है।