पितृदोष से मुक्ति के लिए खरमास में करें इस स्तोत्र का पाठ


By Prakhar Pandey13, Dec 2023 12:46 PMnaidunia.com

सूर्या का धनु राशि में प्रवेश

ज्योतिष रिवाज के मुताबिक, जब सूर्य देव धनु राशि में जाते हैं तो खरमास शुरु हो जाता है। आइए जानते हैं पितृदोष से छुटकारा पाने के लिए कौन से स्तोत्र का पाठ करना चाहिए?

16 दिसंबर 2023

16 दिसंबर 2023 को धनु संक्रांति के पर्व पर सूर्य देव धनु राशि में प्रवेश करने वाले है। इस बदलाव के दौरान श्री गणेश की पूजा करने का खास महत्व होता है।

परेशानियों का सामना

सूर्य देव के धनु और मीन राशि में गोचर करने से खरमास लगता है। संक्रांति की तिथि पर पितरों का पिंडदान और तर्पण करने का खास महत्व होता है।

पितृ स्तोत्र का पाठ

अर्चितानाममूर्तानां पितृणां दीप्ततेजसाम् । नमस्यामि सदा तेषां ध्यानिनां दिव्यचक्षुषाम्।। इन्द्रादीनां च नेतारो दक्षमारीचयोस्तथा । सप्तर्षीणां तथान्येषां तान् नमस्यामि कामदान् ।।

पितृ स्तोत्र का पाठ

मन्वादीनां च नेतार: सूर्याचन्दमसोस्तथा । तान् नमस्यामहं सर्वान् पितृनप्युदधावपि ।। नक्षत्राणां ग्रहाणां च वाय्वग्न्योर्नभसस्तथा । द्यावापृथिवोव्योश्च तथा नमस्यामि कृताञ्जलि:।।

पितृ स्तोत्र का पाठ

देवर्षीणां जनितृंश्च सर्वलोकनमस्कृतान् । अक्षय्यस्य सदा दातृन् नमस्येहं कृताञ्जलि: ।। प्रजापते: कश्पाय सोमाय वरुणाय च । योगेश्वरेभ्यश्च सदा नमस्यामि कृताञ्जलि: ।। नमो गणेभ्य: सप्तभ्यस्तथा लोकेषु सप्तसु ।

पितृ स्तोत्र का पाठ

स्वयम्भुवे नमस्यामि ब्रह्मणे योगचक्षुषे ।। सोमाधारान् पितृगणान् योगमूर्तिधरांस्तथा । नमस्यामि तथा सोमं पितरं जगतामहम् ।। अग्रिरूपांस्तथैवान्यान् नमस्यामि पितृनहम् । अग्रीषोममयं विश्वं यत एतदशेषत: ।।

पितृ स्तोत्र का पाठ

ये तु तेजसि ये चैते सोमसूर्याग्रिमूर्तय:। जगत्स्वरूपिणश्चैव तथा ब्रह्मस्वरूपिण: ।। तेभ्योखिलेभ्यो योगिभ्य: पितृभ्यो यतामनस:। नमो नमो नमस्तेस्तु प्रसीदन्तु स्वधाभुज ।।

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